आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के साथ कथित संपर्क के मामले में ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ के तहत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में कुल 18 संदिग्ध जांच के दायरे में हैं, जिनमें 13 नौसेना कर्मी हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर नौसेना और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिवों तक पहुंचाने का आरोप है। यह जानकारी आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंगलवार (6 अक्तूबर) को जारी बयान में दी।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने विशाखापत्तनम नौसेना बेस में कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी (कुछ रिपोर्टों में मुखर्जी की वर्तनी “मुखर्जी” भी है) को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव के लिए व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय कराने को ओटीपी उपलब्ध कराया, उनके संपर्क में रहा और नौसेना व रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की।
दूसरे आरोपी अन्नम साई वरप्रसाद विशाखापत्तनम में नौसेना अधिकारियों के लिए नियुक्त नागरिक अनुबंध चालक हैं। पुलिस के अनुसार उन पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंट को संवेदनशील जानकारी देने और बदले में पैसे लेने का आरोप है। वरप्रसाद को 14 अक्तूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और रिपोर्टों के अनुसार दोनों आरोपी एक ही जेल में हैं। ये सभी पुलिस के आरोप हैं, जो अदालत में साबित होने बाकी हैं।
ऑपरेशन फायरवॉल-2026 क्या है
पुलिस के मुताबिक सीआई सेल को ऐसे लोगों के बारे में भरोसेमंद सूचना मिली थी, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिवों के सीधे संपर्क में थे और देश की सुरक्षा के लिए हानिकारक साजिश में शामिल हो सकते थे। इसी आधार पर 1 अक्तूबर को 10 राज्यों में समन्वित अभियान चलाया गया, जिसे ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ नाम दिया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार अभियान में सीआई सेल की 12 टीमें लगाई गई थीं।
बयान के मुताबिक एटीएस, नौसेना अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की मदद से 18 संदिग्धों की भूमिका जांची गई और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। शेष संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस ने सभी 18 संदिग्धों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
अहम बात
13 नौसेना कर्मियों का “रडार पर” होने का मतलब यह नहीं है कि सभी पर आरोप साबित हो गया है। फिलहाल इनमें से सिर्फ दो की गिरफ्तारी हुई है और बाकी की भूमिका जांच के दायरे में है। नौसेना की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान मुझे उपलब्ध नहीं मिला।
पहले भी आए हैं ऐसे मामले
विशाखापत्तनम से जुड़े नौसेना जासूसी नेटवर्क पहले भी सामने आ चुके हैं। 2019 के विशाखापत्तनम जासूसी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नौसेना के 11 कर्मियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इस साल मार्च में उत्तर प्रदेश एटीएस ने भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में नौसेना के एक 24 वर्षीय कर्मी को गिरफ्तार किया था।

