उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विरोध पर सवाल उठाए। देहरादून से जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार भ्रामक प्रचार कर रहा है। धामी ने इसे कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की राजनीतिक हताशा का नतीजा बताया। उन्होंने विपक्ष के लिए “इंडी गठबंधन” शब्द इस्तेमाल किया। यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष SIR पर रोक और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहा है।
कांग्रेस के इतिहास पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए। उनके अनुसार पहले भी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया होती रही है और तब कांग्रेस को इससे कोई आपत्ति नहीं थी। धामी ने कहा कि अब उसी तरह की प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस के दोहरे मापदंड को दिखाता है। यह मुख्यमंत्री का दावा है, इसकी पुष्टि के लिए पूर्व के पुनरीक्षणों के रिकॉर्ड और उस समय की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखनी होंगी।
SIR का उद्देश्य और चुनाव आयोग की भूमिका
धामी के मुताबिक SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में दर्ज हो सके। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों का रवैया उनकी राजनीतिक हताशा दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस संवैधानिक प्रक्रियाओं पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। धामी का दावा है कि कांग्रेस अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता से असहज है, इसलिए जनहित और पारदर्शिता से जुड़े विषयों पर भी भ्रम और विवाद पैदा कर रही है।
धामी ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अपना स्थान है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। उनके अनुसार कांग्रेस को भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
विपक्ष का पक्ष और पृष्ठभूमि
विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए SIR पर रोक और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हाल ही में 124 पूर्व अधिकारियों ने खुला पत्र जारी कर चुनाव आयोग और SIR का समर्थन किया है। धामी के इन आरोपों पर कांग्रेस या INDIA गठबंधन की प्रतिक्रिया इस खबर के लिखे जाने तक हमारे पास उपलब्ध नहीं है। प्रतिक्रिया आने पर खबर अपडेट की जाएगी।

