दारुल उलूम देवबंद का स्पष्टीकरण: किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संस्था का आधिकारिक अकाउंट या चैनल नहीं

indianloveindia
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दारुल उलूम देवबंद का सोशल मीडिया पर कोई आधिकारिक अकाउंट नहीं, संस्था ने जारी किया स्पष्टीकरण

सहारनपुर। देवबंद स्थित इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसका कोई आधिकारिक अकाउंट या चैनल नहीं है। संस्था ने कहा है कि उसके नाम से चल रहे ऐसे सभी अकाउंट और चैनलों से उसका कोई संबंध नहीं है। संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे माध्यम न बनाए जाएं, जिनसे संस्था का आधिकारिक माध्यम होने का भ्रम पैदा हो।

संस्था के स्पष्टीकरण में क्या कहा गया

संस्था ने अपनी वेबसाइट पर जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि दारुल उलूम और दारुल इफ्ता के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे अकाउंट और चैनलों से संस्थान का कोई वास्ता नहीं है। इन माध्यमों से फैलाई जा रही सामग्री को संस्था या उसके दारुल इफ्ता की ओर से जारी जानकारी न माना जाए। धार्मिक मार्गदर्शन के लिए लोगों से केवल संस्था की आधिकारिक वेबसाइट देखने की अपील की गई है।

मोहतमिम की अपील

मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि संस्था की दो आधिकारिक वेबसाइट हैं, जिन पर संस्थान से जुड़े परिचय और घोषणाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि संस्था के नाम से ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट या चैनल न बनाएं, जिनसे यह भ्रम पैदा हो कि वे संस्थान के आधिकारिक माध्यम हैं।

पहले भी उठ चुका है ऐसा मामला

दारुल उलूम के नाम पर सोशल मीडिया पर गलत सामग्री फैलाए जाने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में संस्था के नाम से एक फर्जी फतवा वायरल हुआ था। उस समय भी मोहतमिम नोमानी ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।

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