एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की वर्दी में आखिरी उड़ान: जिस किरण विमान से 42 साल पहले शुरुआत की, उसी में पहले प्रशिक्षक के साथ पूरा किया सफर

Shashi Mishra
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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की आखिरी उड़ान: किरण विमान और पहले प्रशिक्षक

वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत (एपी) सिंह ने 20 अक्तूबर को हैदराबाद के पास डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में एचजेटी-16 किरण एमके-1 ट्रेनर विमान में अपनी आखिरी उड़ान भरी। 55 मिनट की इस उड़ान में उनके साथ उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक, विंग कमांडर वी.एस. कोचर (सेवानिवृत्त) थे। सिंह 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

उसी जगह, उसी विमान में

वायुसेना के बयान के मुताबिक, उड़ान टेल नंबर यू-707 वाले किरण विमान में हुई। सिंह ने अपनी पहली उड़ान 28 जनवरी 1984 को इसी अकादमी में किरण विमान में, कोचर के साथ भरी थी। यानी पहली और आखिरी उड़ान के बीच 42 साल से ज्यादा का फासला रहा। सिंह 1984 में इसी अकादमी से ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’ के साथ पास आउट हुए थे।

उतरने पर उन्हें ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ दिया गया। उड़ान के बाद उन्होंने इसे ‘सपने के सच होने जैसा’ बताया। उनके अनुसार, वे इस सफर का चक्र पूरा करना चाहते थे और वर्दी में आखिरी उड़ान अपने पहले प्रशिक्षक के साथ, उसी विमान में पूरी कर पाए। सिंह ने कहा कि शायद वे अकेले वायु सेना प्रमुख हैं जो उस शुरुआती विमान के सेवा में रहते हुए रिटायर हो रहे हैं, जिसे उन्होंने कभी उड़ाया था। वायुसेना ने इस उड़ान को प्रशिक्षकों की भूमिका और उड़ान प्रशिक्षण की परंपरा के प्रति श्रद्धांजलि बताया।

इससे पहले लड़ाकू विमान की आखिरी उड़ान

किरण में यह उड़ान सिंह की आखिरी लड़ाकू विमान उड़ान के आठ दिन बाद हुई। 12 अक्तूबर को उन्होंने जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ के दौरान स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में अपनी आखिरी लड़ाकू उड़ान भरी थी। यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्तूबर तक चला।

कौन हैं एपी सिंह?

अमर प्रीत सिंह को दिसंबर 1984 में वायुसेना की लड़ाकू पायलट शाखा में कमीशन मिला था। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 5,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है और वे प्रायोगिक परीक्षण पायलट भी रहे हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2024 को एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी की जगह वायु सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला था। वे इस पद पर 28वें प्रमुख हैं।

किरण विमान की कहानी

एचजेटी-16 किरण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का बनाया दो सीटों वाला जेट ट्रेनर है। इसने 4 सितंबर 1964 को पहली उड़ान भरी थी और 1968 में वायुसेना में शामिल हुआ। दशकों तक पायलटों की बुनियादी जेट ट्रेनिंग में इसकी अहम भूमिका रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, वायुसेना ने इस बेड़े को 2027 तक रिटायर करने की योजना बनाई है, हालांकि उसकी जगह लेने वाले नए ट्रेनर की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

आगे क्या?

सरकार ने 6 अक्तूबर को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायु सेना प्रमुख नियुक्त किया है। वे अभी वायु सेना के उप प्रमुख हैं और 31 अक्तूबर की दोपहर से एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक है। वे वायुसेना के 29वें प्रमुख होंगे।

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