अलीगढ़ जनपद में सोमवार सुबह करीब 6.30 बजे हुई तेज बारिश से मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचा धान भीग गया। धनीपुर, हरदुआगंज, छर्रा, अतरौली, इगलास, खैर और गभाना में धान को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति में सबसे ज्यादा असर बताया जा रहा है, जहां पूर्व मंडी अध्यक्ष हमबीर सिंह ने करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है।
सुबह घिरे बादल, खुले में रखा धान भीगा
सोमवार सुबह जनपद में अचानक काले बादल घिर आए और जमकर बारिश हुई। बताया जा रहा है कि बारिश के समय मंडियों में बड़ी मात्रा में धान खुले में रखा था, जो भीग गया। जिन किसानों का धान अभी बिका नहीं था, उन्हें सबसे ज्यादा चिंता है, क्योंकि भीगी उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने पर उन्हें उचित भाव मिलने पर संशय है।
खैर मंडी में क्या हुआ
खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति में सोमवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। पूर्व मंडी अध्यक्ष हमबीर सिंह के मुताबिक नुकसान की अनुमानित लागत करीब 10 करोड़ रुपये है। यह आंकड़ा उनका अनुमान है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रविवार को खैर मंडी में लगभग ढाई लाख धान के कट्टे पहुंचे थे। हमबीर सिंह के अनुसार सोमवार सुबह तक इनमें से करीब 10 प्रतिशत धान की उतराई और सौदे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। उन्होंने भीगे धान में करीब 20 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका जताई है।
सुबह मंडी में व्यापारी और पल्लेदार बोरों में भरे भीगे धान को संभालने में जुटे दिखे। कई किसान गेट बंद होने के कारण मंडी के बाहर ही खड़े रह गए। उनका धान बारिश में पूरी तरह भीग गया। ऐसे किसानों को अब उपज बेचने में भी परेशानी हो सकती है।
किसानों की चिंता
बारिश से धान गीला होने पर उसकी गुणवत्ता गिरने का खतरा रहता है, जिसका असर भाव पर पड़ सकता है। मंडी में मौजूद किसानों के चेहरों पर इसकी चिंता साफ दिखी।
अब तक की स्थिति
मंडी प्रशासन या कृषि विभाग की ओर से नुकसान का कोई आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है। अन्य मंडियों में हुए नुकसान का अलग-अलग ब्योरा भी उपलब्ध नहीं है। जनपद में करोड़ों रुपये के नुकसान की बात प्रारंभिक अनुमान पर आधारित है।

