उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की परीक्षा से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में नियुक्ति पत्र सौंपे। गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए समारोह में मंच पर 11 अभ्यर्थियों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र दिए गए। ये अधिकारी अब गांवों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी से जुड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे।
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों से कहा कि हर घर नल योजना घर-घर तक पहुंच रही है और इससे बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से गांव के युवाओं के लिए प्लंबर जैसे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपनी ग्राम पंचायत को बेहतर बनाने के लिए अपने विचार और योजनाएं तैयार रखने को कहा।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि लगभग दस साल पहले बिना लेनदेन के सरकारी नौकरी पाना संभव नहीं था। उन्होंने चयनित युवाओं से कहा कि जब नौकरी बिना पैसे के मिली है, तो जिम्मेदारी भी पूरी ईमानदारी से निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास पर केंद्रित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
पंचायतीराज मंत्री ने गिनाईं व्यवस्थाएं
पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय सक्रिय रूप से संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें बिजली, इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि पंचायतें पंचायती विजन-2047 का हिस्सा बन सकें। उन्होंने बताया कि तालाबों के पट्टों से होने वाली आय में पंचायतों का हिस्सा संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जा रहा है। राजभर के मुताबिक, कॉमन सर्विस सेंटर के जरिये विभिन्न सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी से पंचायतों को करीब 4.27 करोड़ रुपये की आय हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप पंचायतों के विकास, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति लागू करने और कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार जैसे काम अभी विभाग के सामने चुनौती हैं।
भर्ती को लेकर राजनीतिक बयानबाजी
समारोह में भर्तियों को लेकर सत्तापक्ष के नेताओं ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में सरकारी नौकरी निकलने पर कथित तौर पर शिवपाल यादव के लोग वसूली के लिए निकल पड़ते थे, और उस दौर में 10 से 20 लाख रुपये तक में नौकरी मिलने की चर्चा होती थी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी है। राजभर ने आगामी चुनाव को लेकर कहा कि सपा को साफ और कांग्रेस को हाफ करना है। ये आरोप और दावे मंत्री के हैं; रिपोर्टों में सपा की ओर से इन पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में गांवों की तस्वीर नहीं बदली, जबकि अब तीन करोड़ से ज्यादा घरों में शौचालय बने हैं और चार करोड़ से अधिक लोगों को आवास दिए गए हैं। ये आंकड़े मंत्री के बयान के हैं।
कार्यक्रम में विधायक नीरज बोरा, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

