सऊदी पर हमलों और होर्मुज संकट के बीच डोभाल की ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई से फोन पर बात

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डोभाल की ईरान के सुरक्षा प्रमुख रेजाई से फोन पर बात

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई के बीच सोमवार शाम फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। रियाद के हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले को दो दिन ही बीते हैं और होर्मुज क्षेत्र में दो टैंकरों पर हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हैं।

बातचीत पर क्या कहा गया

भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत की जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक रेजाई ने डोभाल से टेलीफोन पर संपर्क किया। दोनों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तथा साझा हितों के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

भारत सरकार की ओर से इस बातचीत पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। चर्चा के विषयों का विस्तृत ब्योरा भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

ऐसी जानकारी है कि बातचीत में सऊदी अरब पर हाल के हमलों, खासकर हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने, का मुद्दा भी उठा। यह दावा आधिकारिक बयानों पर आधारित नहीं है। इसी तरह, व्यापारिक जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठने की बात अनुमान के तौर पर कही जा रही है। इन दोनों बातों की पुष्टि किसी भी पक्ष ने नहीं की है।

रियाद हवाई अड्डे पर हमला

सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों के मुताबिक रियाद के हवाई अड्डे पर हुए ताजा हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या कम से कम 13 बताई गई है। हमले में एक भारतीय नागरिक की भी मौत हुई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसके लिए यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है और इसे “युद्ध अपराध” बताया है। हवाई अड्डे को फिलहाल बंद रखा गया है और एक नोटिस के मुताबिक यह कम से कम 17 अक्टूबर तक बंद रहेगा।

भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा था कि सऊदी अरब में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बार-बार हो रहे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

होर्मुज में दो टैंकरों पर हमला

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार 11 अक्टूबर को होर्मुज क्षेत्र में दो व्यावसायिक जहाजों पर हमले हुए।

  • एमटी पेट्रो डॉल्फिन: मंत्रालय के मुताबिक इस टैंकर पर कथित तौर पर ड्रोन से हमला हुआ। केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार यह हमला ओमान के सोहार एंकरेज पर हुआ। जहाज पर 11 भारतीय नाविक थे, जिनमें से दो लापता हैं। नौ को बचा लिया गया है। तलाश और बचाव अभियान जारी है।
  • एमटी वाल्थेरा: मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला यह टैंकर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया, जिससे उसमें आग लग गई। जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा है कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों और जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ मिलकर लापता नाविकों को ढूंढने की कोशिश कर रहा है। मंत्रालय ने कहा, “वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले बंद होने चाहिए।” इन हमलों की जिम्मेदारी किसने ली है, इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक नहीं दी गई है।

इससे पहले 6 अक्टूबर को भी विदेश मंत्रालय ने होर्मुज में टैंकर एमटी ऑन पीस पर हुए हमले की निंदा की थी, जिसमें 11 भारतीय नाविक घायल हुए थे।

भारत की स्थिति

भारत पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए लगातार बातचीत और कूटनीति की अपील करता रहा है। साथ ही वह ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जता चुका है, क्योंकि इनसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को खतरा है। पिछले महीने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की थी। उन्होंने तब भी बातचीत और कूटनीति से समाधान और समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही पर जोर दिया था।

आगे क्या

अब देखना होगा कि क्या भारत सरकार इस बातचीत पर कोई आधिकारिक बयान जारी करती है। लापता दो भारतीय नाविकों की तलाश की स्थिति और होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा पर आगे की कूटनीतिक पहल भी अहम रहेगी।

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