डूंगरपुर (राजस्थान)। डूंगरपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत जाली भारतीय मुद्रा तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होकर नकली नोट बनाने का काम शुरू किया था। गिरोह के तार राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ से जुड़े पाए गए हैं।
29 सितंबर से शुरू हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत 29 सितंबर को हुई, जब पुलिस ने डूंगरपुर के माडा स्कूल ग्राउंड से भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया। उनके पास से 4 लाख 95 हजार 500 रुपये की जाली मुद्रा बरामद हुई। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।
मुख्य आरोपी 1,300 किमी दूर लुधियाना में पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रवि कुमार मिश्रा को डूंगरपुर में पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई थी, जिसके बाद वह फरार हो गया। वह लगातार अपना ठिकाना और मोबाइल नंबर बदल रहा था। डूंगरपुर साइबर सेल और विशेष टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर उसका पीछा किया और करीब 1,300 किलोमीटर दूर पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया।
किसकी क्या भूमिका बताई गई
पुलिस के मुताबिक, गिरोह नकली नोट तैयार करने के लिए डिजिटल फाइलों और विशेष कागज का इस्तेमाल कर रहा था। कागज की आपूर्ति और नोटों से जुड़ी डिजिटल फाइलें ऑनलाइन माध्यमों से हासिल की जा रही थीं।
- आनंद राजपूत: हरियाणा के अंबाला कैंट निवासी 20 वर्षीय आनंद की भूमिका जांच में सामने आई। पुलिस के अनुसार, वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होकर नकली नोट छापने का विचार उसी ने विकसित किया था।
- मोहम्मद आरिफ: कानपुर निवासी आरिफ पर टेलीग्राम के एक चैनल के जरिए कागज उपलब्ध कराने का आरोप है। उसे कानपुर से गिरफ्तार किया गया।
- तरुण मालेकर: दुर्ग (छत्तीसगढ़) निवासी 27 वर्षीय तरुण पर पांच सौ रुपये के नोट से संबंधित डिजिटल फाइल उपलब्ध कराने का आरोप है। उसे दुर्ग से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार छह आरोपी ये हैं:
- रवि कुमार मिश्रा (25 वर्ष), निवासी प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
- आनंद राजपूत (20 वर्ष), निवासी अंबाला कैंट, हरियाणा
- मोहम्मद आरिफ, निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश
- तरुण मालेकर (27 वर्ष), निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़
- भावेश खटीक (23 वर्ष), निवासी डूंगरपुर
- नयन जोशी (19 वर्ष), निवासी डूंगरपुर
पुलिस ने इस कार्रवाई के लिए राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ में दबिश दी।
जांच किन बिंदुओं पर
मामले में अनुसंधान जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि गिरोह ने कुल कितनी जाली मुद्रा तैयार की, उसे कहां-कहां खपाया गया और नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े हैं। एसपी मनीष कुमार ने खुलासा करने वाली साइबर सेल, विशेष टीम और संबंधित थानों की पुलिस की सराहना की है और टीमों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

