फर्रुखाबाद: लखनऊ आंदोलन में जा रहे एनएचएम संविदा कर्मियों की बस जहानगंज में रोकी गई, पुलिस से नोकझोंक

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फर्रुखाबाद: लखनऊ जा रहे एनएचएम संविदा कर्मियों की बस रोकी, पुलिस से नोकझोंक

फर्रुखाबाद से लखनऊ जा रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों की बस को सोमवार को पुलिस ने जहानगंज क्षेत्र में रुकवा लिया। इस दौरान कर्मियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई और करीब एक घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। कर्मचारी समान कार्य समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर लखनऊ में हो रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे।

एक सप्ताह से कार्य बहिष्कार पर हैं कर्मी

एनएचएम के संविदा कर्मचारी समान कार्य समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर एक सप्ताह से कार्य बहिष्कार पर हैं। सोमवार को लखनऊ में आयोजित आंदोलन में भाग लेने के लिए करीब 40 कर्मी फर्रुखाबाद शहर की आवास विकास कॉलोनी में एकत्र हुए थे।

बस की चाबी को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, कॉलोनी में खड़ी कर्मियों की बस की चाबी पुलिस ने निकाल ली थी। इसे लेकर संविदा कर्मियों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि कर्मियों ने मौके पर मौजूद दीवान से चाबी लेने के साथ उसका मोबाइल भी ले लिया। इसके बाद सभी बस में सवार होकर लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस आरोप पर संविदा कर्मियों का पक्ष सामने नहीं आया है।

बस का पीछा, जहानगंज में रोकने का प्रयास

इसकी जानकारी मिलने पर कादरीगेट थानाध्यक्ष फोर्स के साथ बस के पीछे रवाना हुए। साथ ही जहानगंज थाना पुलिस को भी बस रोकने के लिए सूचित किया गया। जहानगंज थाने के सामने पुलिस ने बस रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी।

थाने से करीब 500 मीटर आगे सड़क पर गड्ढा होने और सामने से ट्रक आ जाने के कारण बस रुक गई। इसी दौरान पुलिसकर्मी बस में चढ़ गए और उसे आगे बढ़ने नहीं दिया।

सड़क पर नारेबाजी, पैदल मार्च

पुलिस के रोकने पर संविदा कर्मी बस से उतरकर सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। कादरीगेट थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, जिस दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। इसके बाद कर्मियों ने जहानगंज में पैदल मार्च भी निकाला।

सीएमओ कार्यालय भेजे गए कर्मी

कुछ देर बाद कर्मी फिर बस में सवार होकर लखनऊ के लिए चल दिए, लेकिन पुलिस ने उन्हें दोबारा रोक दिया और चालक से सभी को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय ले जाने को कहा। इस बीच अधिकांश कर्मी अन्य वाहनों से रवाना हो गए। करीब एक घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने पांच-छह कर्मचारियों को बस में बैठाकर सीएमओ कार्यालय भेज दिया।

अब तक की स्थिति

उपलब्ध जानकारी में किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने या हिरासत में लिए जाने का उल्लेख नहीं है। मोबाइल लेने के आरोप पर पुलिस की ओर से कार्रवाई को लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

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