ज्ञानेश कुमार कब होंगे रिटायर? जानें मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल कब तक है और उन्हें हटाने की प्रक्रिया क्या है

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ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल कब तक है: रिटायरमेंट की तारीख और हटाने की प्रक्रिया

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है। वे 27 जनवरी 2029 को 65 वर्ष के हो जाएंगे, इसलिए उसी के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के विरोध और इस्तीफे की मांग के बीच यह सवाल फिर चर्चा में है कि उन्हें कैसे हटाया जा सकता है और वे कब तक पद पर रहेंगे।

कार्यकाल कब तक

ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। वे चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के नए कानून (2023) के तहत नियुक्त होने वाले पहले सीईसी हैं। इस कानून के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त छह साल का कार्यकाल पूरा होने या 65 साल की उम्र होने पर पद छोड़ते हैं, जो भी पहले हो। ज्ञानेश कुमार के मामले में उम्र की सीमा पहले आएगी, इसलिए कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को खत्म होगा। यह तारीख अगले लोकसभा चुनाव की अनुमानित घोषणा से कुछ ही दिन पहले की है। कानून के अनुसार कार्यकाल बढ़ाने का कोई सीधा प्रावधान नहीं बताया गया है, इसलिए इसके लिए कानून में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे जनवरी 2024 में सहकारिता मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे और मार्च 2024 में चुनाव आयुक्त बने।

हटाने की प्रक्रिया क्या है

संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है। यानी यह अधिकार संसद के पास है, न कि अदालत या सरकार के पास। इसके लिए प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित होना जरूरी है, यानी सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और मौजूद व मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई का समर्थन। इसके बाद राष्ट्रपति आदेश जारी करते हैं। यह बहुमत विपक्ष अकेले नहीं जुटा सकता।

अब तक की स्थिति

अप्रैल 2026 में विपक्ष के 73 राज्यसभा सांसदों ने ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस दिया था। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। विपक्ष पर आधारित कुछ रिपोर्टों के अनुसार विपक्ष नया नोटिस लाने की तैयारी में है। इसी बीच पूर्व अधिकारियों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों के एक समूह ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ “महाभियोग का नोटिस” जारी किया है, जिसकी संवैधानिक रूप से कोई सीधी मान्यता नहीं है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा है, इसकी जानकारी इस रिपोर्ट के समय उपलब्ध नहीं है।

आगे के चुनाव

सामान्य चुनाव चक्र के अनुसार 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2028 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम की बारी है। इन चुनावों का कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है। जुलाई 2027 में राष्ट्रपति चुनाव भी होना है।

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