हमीरपुर: नशे की सूचना पर जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर कुत्ता छोड़ने का आरोप, हेड कांस्टेबल घायल, पांच पर केस

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हमीरपुर में पुलिस टीम पर कुत्ता छोड़ने का आरोप, हेड कांस्टेबल घायल, पांच पर केस

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में नशे से जुड़ी गुप्त सूचना पर संदिग्ध गाड़ी की जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर कथित तौर पर पालतू कुत्ता छोड़ दिया गया। इस हमले में एक हेड कांस्टेबल के पेट पर कुत्ते ने काट लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन पुरुषों और दो महिलाओं सहित पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 और 121 के तहत केस दर्ज किया है।

क्या हुआ

हमीरपुर थाने और भोटा पुलिस सहायता कक्ष की तीन सदस्यीय टीम भोटा क्षेत्र के टियाला घाट इलाके में पहुंची थी। यहां एक मकान के पास सड़क किनारे संदिग्ध गाड़ी खड़ी थी। घटना रविवार रात करीब 10.30 बजे की बताई गई है। पुलिस के अनुसार जब टीम ने गाड़ी में बैठे लोगों से पूछताछ शुरू की, तो पिछली सीट पर बैठा एक व्यक्ति कथित तौर पर भागकर मकान के अंदर चला गया। आरोप है कि इसके बाद उसने पुलिस टीम की ओर कुत्ता छोड़ दिया।

बताया गया है कि दो पुलिसकर्मी किसी तरह बच गए, जबकि हेड कांस्टेबल के पेट पर कुत्ते ने काट लिया। घायल पुलिसकर्मी का मेडिकल कराया गया और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। आरोप यह भी है कि इसी दौरान दो महिलाएं मौके पर पहुंचीं और पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की।

एसपी ने क्या कहा

हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि टीम को गुप्त सूचना के आधार पर एक गाड़ी की जांच के लिए भेजा गया था। उनके अनुसार मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस का सहयोग नहीं किया और आरोप है कि उन्होंने कार्रवाई के दौरान पालतू कुत्ते को छोड़ा। शिकायत में वाहन में मौजूद लोगों, मौके से भागे व्यक्ति और दो महिलाओं पर कुत्ते को उकसाने का आरोप लगाया गया है। यह सभी अभी आरोप हैं और जांच के दायरे में हैं।

जांच की स्थिति

पुलिस घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों की जांच कर रही है और नामजद आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जिस गाड़ी की जांच के लिए टीम पहुंची थी, उसमें वास्तव में नशीला पदार्थ था या नहीं, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। रिपोर्टों में किसी की गिरफ्तारी का भी जिक्र नहीं है।

मामले में कौन-सी धाराएं

बीएनएस की धारा 132 सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल के प्रयोग से जुड़ी है। धारा 121 में सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाने का मामला आता है।

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