ओडिशा के खोरधा जिले के जटनी इलाके में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। पंजाब नेशनल बैंक की शाखा वाली एक पुरानी दो मंजिला इमारत की छत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में जुलूस देख रहे कई लोग आ गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि हादसे के समय जुलूस में तेज आवाज में डीजे बज रहा था, और यह जांच का विषय है कि कहीं इसी के कंपन से तो छत नहीं गिरी।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, यह हादसा शनिवार देर रात करीब 12 बजे हुआ, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन का जुलूस जटनी इलाके से गुजर रहा था और बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े होकर इसे देख रहे थे। इसी दौरान पुरानी इमारत की खिड़की के ऊपर लगा सजावटी छज्जा अचानक ढह गया और मलबा सीधे नीचे खड़े लोगों पर जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
मृतक की पहचान, राहत और बचाव कार्य
मृतक की पहचान स्थानीय हरिराजपुर इलाके के रहने वाले बिस्वजीत बारीक के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और बचाव दल ने मिलकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तुरंत जटनी और आसपास के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया, जहां कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।
डीजे की तेज आवाज पर उठे सवाल
हादसे के बाद विसर्जन जुलूस में बज रहे तेज आवाज वाले डीजे को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, विसर्जन जुलूसों के दौरान डीजे बजाने पर प्रशासनिक प्रतिबंध था, बावजूद इसके कुछ पूजा समितियों ने बिना अनुमति डीजे बजाया। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस नरसिंह भोल ने बताया कि घटना के समय डीजे काफी तेज आवाज में बज रहा था, और यह जांच की जा रही है कि क्या डीजे से पैदा हुए कंपन का छत गिरने से कोई सीधा संबंध था। उन्होंने बताया कि इसकी तकनीकी पुष्टि के लिए साउंड इंजीनियर और स्ट्रक्चरल सेफ्टी एक्सपर्ट (भवन सुरक्षा विशेषज्ञ) की मदद ली जाएगी, जो यह आकलन करेंगे कि छत की स्लैब वाकई ध्वनि-कंपन की वजह से गिरी या इसके पीछे भवन की जर्जर हालत जैसी कोई अन्य वजह थी। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या डीजे की तेज आवाज हादसे की मुख्य वजह थी, या भवन की संरचनात्मक कमजोरी इसके पीछे जिम्मेदार रही। तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने आ सकेगा।

