कुल्लू की पार्वती घाटी में करीब 592 एकड़ में अवैध भांग की खेती नष्ट, अब कसोल और चंबा की बारी

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कुल्लू में 592 एकड़ भांग की अवैध खेती नष्ट, NCB का अभियान

कुल्लू (हिमाचल प्रदेश)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आईटीबीपी, हिमाचल प्रदेश पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में करीब 592 एकड़ में उगाई जा रही अवैध भांग की फसल नष्ट कर दी है। यह खेती समुद्र तल से 2,100 से 3,050 मीटर की ऊंचाई पर जंगलों से घिरे दुर्गम इलाकों में की जा रही थी। अब अभियान का अगला चरण कसोल की ओर बढ़ रहा है, जबकि एनसीबी की एक और टीम चंबा जिले पहुंच गई है।

दुर्गम इलाकों में कैसे हुई कार्रवाई

एनसीबी के अनुसार टीमों को सड़क से न पहुंचा जा सकने वाले ठिकानों तक जाना पड़ा। बारिश और घने कोहरे के बीच जवानों ने खड़ी, जंगल वाली ढलानें पार कीं। फसल को मौके पर ही काटकर जला दिया गया। कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के लिए जियो-टैग की गई तस्वीरें ली गईं।

रिपोर्टों के मुताबिक पूरी कार्रवाई की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। कार्रवाई पूरी होने पर वन विभाग फसल नष्ट किए जाने का प्रमाण पत्र जारी करेगा।

अभियान का दायरा और पृष्ठभूमि

यह संयुक्त अभियान कुल्लू के ऊंचे और दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में कुछ समय से चल रहा है। सितंबर के अंत में इसकी जानकारी सामने आई थी, तब तक करीब 61 एकड़ में फसल नष्ट हो चुकी थी। अब कुल आंकड़ा करीब 592 एकड़ (लगभग 240 हेक्टेयर) बताया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई “नारकोटिक्स नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट 2026-29” के तहत की जा रही है। इसका मकसद केंद्र और राज्य की एजेंसियों के आपसी तालमेल से नशीले पदार्थों को स्रोत पर यानी अवैध खेती के स्तर पर ही रोकना है।

आगे की कार्रवाई

रिपोर्टों में कहा गया है कि अवैध खेती से जुड़े लोगों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस खबर के लिखे जाने तक खेती करने वालों की गिरफ्तारी या उन पर दर्ज मामलों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

एजेंसियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी जानकारी मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल-फ्री 1933) पर दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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