लखनऊ। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने शुक्रवार को अयोध्या रोड से 100 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, जिसे आइस ड्रग भी कहा जाता है, के साथ दो महिलाओं को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि ये महिलाएं ड्रग सप्लाई के साथ देह व्यापार से भी जुड़ी थीं। सीबीएन पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है और इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या सामने आया है
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों महिलाएं गोमतीनगर क्षेत्र के कुछ बार और क्लबों में ड्रग की सप्लाई करती थीं। दावा है कि इसके साथ वे देह व्यापार भी चला रही थीं। उनमें से एक लखनऊ और दूसरी रायबरेली की रहने वाली बताई गई है।
सूत्रों का कहना है कि दोनों कथित तौर पर लाखों रुपये की ड्रग मंगाकर आगे बेचती थीं। उनके गिरोह में कुछ और युवतियां भी शामिल बताई जा रही हैं, जिनका काम बार और क्लब में आने वाले युवाओं को ड्रग बेचना था। सीबीएन के रडार पर इस तरह के करीब आधा दर्जन बार और क्लब बताए गए हैं।
पहचान सार्वजनिक नहीं
जांच पूरी होने तक सीबीएन ने दोनों महिलाओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। सीबीएन इस रैकेट के अन्य सदस्यों, आपूर्ति के स्रोत और ग्राहकों के बारे में भी जानकारी जुटा रहा है।
देर रात की पार्टियों में ड्रग की मांग
सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी पता चला है कि गोमतीनगर के उस व्यावसायिक क्षेत्र में ड्रग की अच्छी मांग रहती है और देर रात की पार्टियों में इसकी खपत होती है। इस बारे में आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।
पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाइयां
सीबीएन लखनऊ में ड्रग सप्लाई के नेटवर्क का पता लगा रहा है। बीते कुछ महीनों में एजेंसी ने गोमतीनगर और चिनहट में एक निजी विश्वविद्यालय, कुछ कॉलेजों और स्कूलों के पास ड्रग बेचने वाले एजेंटों को गिरफ्तार किया था।

