बिजनौर के नजीबाबाद में तय मानक से तेज आवाज में अजान का आरोप, मोअज्जन 14 दिन के लिए जेल भेजा गया; शहर काजी बोले- चेतावनी देकर छोड़ना चाहिए था

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नजीबाबाद: तेज आवाज में अजान पर मोअज्जन जेल भेजा गया, शहर काजी ने उठाए सवाल

नजीबाबाद (बिजनौर)। नजीबाबाद की नजीबुद्दौला मस्जिद में लाउडस्पीकर से तय मानक से अधिक आवाज में अजान देने के आरोप में पुलिस ने मोअज्जन मोहम्मद फैजान को गिरफ्तार कर चालान किया। एसडीएम कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। शहर काजी अफान-उल-हक ने इस कार्रवाई को ठीक नहीं बताया है।

कैसे शुरू हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12:40 बजे राजकीय इंटर कॉलेज के पास नजीबुद्दौला मस्जिद में जौहर की अजान दी जा रही थी। एसपी केके बिश्नोई थाना समाधान दिवस के सिलसिले में उस इलाके में थे। उन्हें सड़क तक अजान की आवाज सुनाई दी। उनके आदेश पर पुलिस मस्जिद के अंदर पहुंची और जांच की। पुलिस के मुताबिक अंदर लाउडस्पीकर लगा था।

इसके बाद मकबरा के रहने वाले मोअज्जन मोहम्मद फैजान को गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर भी जब्त किए हैं। मोअज्जन को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेजा गया।

एफआईआर में क्या लिखा गया

दरोगा सौरभ सिंह की तहरीर पर नजीबाबाद थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस का आरोप है कि लाउडस्पीकर मस्जिद के अंदर छिपाकर रखा गया था और बाहर से दिखाई नहीं देता था। तहरीर में लिखा गया कि तेज आवाज से बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों को परेशानी हो सकती थी और इससे लोगों में आक्रोश था। एफआईआर की धाराएं और मापी गई आवाज का स्तर अभी सामने नहीं आया है।

एसपी बिश्नोई ने बताया कि तय मानक से ज्यादा आवाज में अजान देने पर मोअज्जन को गिरफ्तार किया गया और अदालत ने उसे जेल भेज दिया। एसपी ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर बीट प्रभारी ललित कुमार को निलंबित भी कर दिया है।

शहर काजी का पक्ष

नजीबाबाद के शहर काजी अफान-उल-हक ने कहा कि मकबरा मस्जिद के मोअज्जन का निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में अजान देने पर चालान करना सही नहीं है। उनके अनुसार मोअज्जन धार्मिक व्यक्ति होते हैं और पुलिस को उन्हें आगे गलती न दोहराने की चेतावनी देकर छोड़ देना चाहिए था।

जिले में पहले से चल रहा है अभियान

पुलिस के अनुसार सितंबर में बिजनौर में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने का अभियान चला था। अभियान के दौरान 1,323 मस्जिदों, 1,116 मंदिरों और 70 गुरुद्वारों, यानी कुल 2,509 धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर उतारे गए थे। जो एक लाउडस्पीकर बचाया गया, उसकी आवाज भी तय नियमों के अनुसार रखने की हिदायत दी गई थी।

इस अभियान की शुरुआत तब हुई थी, जब जिलाधिकारी जसजीत कौर और एसपी जिला जेल के निरीक्षण पर थे और उन्हें पास की एक मस्जिद से अजान की तेज आवाज सुनाई दी। तब एसपी ने बताया था कि अदालतों के नियमों के अनुसार दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा तय है और आवाज परिसर के भीतर ही रहनी चाहिए।

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