दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे जिले के डोंजे गांव में किया जाएगा। उनके बेटे मल्हार पाटेकर के अनुसार, अभिनेता की इच्छा थी कि उन्हें अंतिम विदाई उनके गांव से ही दी जाए। महाराष्ट्र सरकार ने उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ करने की घोषणा की है। नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा में 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा जाएगा पार्थिव शरीर
निधन के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनका शव गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा है। जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाएगा। इसके बाद परिवार उन्हें पुणे ले जाएगा। मल्हार पाटेकर ने बताया कि पार्थिव शरीर को दोपहर के बाद पुणे लाया जाएगा। वे खुद परिवार के साथ गोवा के लिए रवाना हो चुके हैं।
बताया गया है कि घटना के समय घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, इसलिए मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
राजकीय सम्मान की घोषणा
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि राज्य सरकार ने मराठी रंगमंच, मराठी सिनेमा और हिंदी फिल्मों में नाना पाटेकर के योगदान को देखते हुए उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई देने का फैसला किया है।
अंतिम संस्कार की सही तारीख और समय को लेकर अभी अलग-अलग जानकारी सामने आई है। परिवार या सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।
गोवा में क्यों थे नाना पाटेकर
मल्हार पाटेकर के मुताबिक, नाना पाटेकर किसी निजी काम के सिलसिले में गोवा गए थे।
आखिरी समय में कौन था साथ
मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, सुबह करीब 4:20 से 4:30 के बीच उन्हें चिकित्सा सहायता मिली। डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर के हवाले से बताया गया है कि उस समय परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, पर उनके एक दोस्त और एक केयरटेकर उनके साथ थे।
देशभर से श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया है। फिल्म जगत और राजनीति से जुड़ी कई हस्तियों ने भी श्रद्धांजलि दी है। इनमें अक्षय कुमार और रितेश देशमुख के साथ मराठी, दक्षिण भारतीय और भोजपुरी सिनेमा के कई कलाकार शामिल हैं।

