पुणे। महाराष्ट्र विधान परिषद की पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के चुनाव से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक रविंद्र चव्हाण ने दो दिन में छह जिलों में 10 बैठकें कीं। भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन बैठकों में पुणे स्नातक सीट की उम्मीदवार डॉ. स्मिता योगेश जाधव और पुणे शिक्षक सीट के उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे के प्रचार की औपचारिक शुरुआत भी की गई। इन दोनों सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हो चुका है और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
किन जिलों में हुईं बैठकें
बैठकें पुणे शहर, पुणे ग्रामीण, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों की कोर कमेटियों के साथ संगठनात्मक समीक्षा के लिए हुईं। इनमें मतदाता पंजीकरण तेज करने, बूथ स्तर पर सूक्ष्म योजना बनाने और प्रचार तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
समर्थन की घोषणाएं
भाजपा के अनुसार, दौरे के दौरान महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन समन्वय संघ ने पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही संगठन ने भाजपा-महायुति के दोनों उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की। कोल्हापुर और सोलापुर में निर्दलीय उम्मीदवार नंदकुमार सागर ने नामांकन वापस लेकर महायुति को समर्थन दिया। पुणे में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में शरद लाड को प्रदेश सचिव पद का नियुक्ति पत्र सौंपा गया।
चव्हाण का बयान
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महायुति सरकार युवाओं को शिक्षा, करियर और स्टार्टअप में अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को समझने वाले उच्च शिक्षित उम्मीदवारों को उतारा गया है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पूरी ताकत से प्रचार में जुटने को कहा।
बैठकों में केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, मंत्री चंद्रकांत पाटील, जयकुमार गोरे, शिवेंद्रराजे भोसले, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, प्रदेश महासचिव निरंजन डावखरे और राजेश पांडे समेत कई सांसद, विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुकाबले की तस्वीर
पुणे स्नातक सीट पर भाजपा की स्मिता जाधव के सामने राकांपा (शरदचंद्र पवार) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव हैं। पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा के कौस्तुभ गावडे का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य जयंत आसगांवकर से है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पुणे शिक्षक सीट पर करीब 85.9 प्रतिशत और स्नातक सीट पर करीब 62.8 प्रतिशत मतदान हुआ। नतीजे मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।

