तिरुवनंतपुरम में 17 वर्षीय छात्र अभिराम की हत्या, पंगापारा में बोरे में मिला शव; तीन हिरासत में, मुख्य आरोपी भी नाबालिग

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तिरुवनंतपुरम में 17 वर्षीय छात्र अभिराम की हत्या, बोरे में मिला शव, तीन हिरासत में

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के श्रीकार्यम क्षेत्र से लापता 17 वर्षीय स्कूली छात्र अभिराम का शव सोमवार देर शाम पंगापारा की एक सुनसान जगह पर बोरे में बंद मिला। इसके साथ ही गुमशुदगी का मामला हत्या की जांच में बदल गया। पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी भी 17 वर्ष का किशोर है और शुरुआती जांच में मामला एक लड़की से जुड़े विवाद की ओर इशारा कर रहा है।

कैसे लापता हुआ अभिराम

अभिराम 12वीं कक्षा का छात्र था। परिवार के अनुसार, रविवार दोपहर वह यह कहकर घर से निकला कि दोस्त से मिलने पंगापारा जा रहा है। घर से निकलने से पहले उसे एक फोन कॉल भी आया था। देर रात तक वह नहीं लौटा और उसका फोन भी बंद मिला। इसके बाद परिवार ने श्रीकार्यम थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसके दोस्तों से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज खंगाली और मोबाइल टावर लोकेशन की जांच की। इसी दौरान सोमवार शाम पुलिस पंगापारा की एक सुनसान जगह पहुंची, जहां शव बोरे में बंद मिला। बताया गया है कि अभिराम और उसके दोस्त अक्सर इस जगह जाते थे।

जांच में अब तक क्या सामने आया

पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीन लोगों में एक किशोर और एक लड़की शामिल हैं। तीसरा व्यक्ति वयस्क है, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया है। उस पर शव को ठिकाने लगाने में मदद करने का शक है। रिपोर्टों में दो लोगों की गिरफ्तारी और एक लड़की को हिरासत में लिए जाने की बात भी कही गई है। लड़की की भूमिका पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।

पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी ने एक लड़की के सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल कर अभिराम को संदेश भेजे और उसे पंगापारा बुलाया। यह भी बताया जा रहा है कि अभिराम और आरोपी दोनों उस लड़की के संपर्क में थे। रिपोर्टों में आरोपी के बयान के हवाले से कहा गया है कि अभिराम के वहां से निकलने की कोशिश करने पर उस पर हमला किया गया और फिर शव को बोरे में रखा गया। ये बातें पुलिस की प्रारंभिक जानकारी हैं और जांच में पुष्ट होना बाकी है।

हत्या के तरीके को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में गला घोंटने की बात है, जबकि अन्य में सिर पर पत्थर से हमले का जिक्र है। सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।

परिवार का आरोप

एक रिपोर्ट के अनुसार, परिवार का आरोप है कि लापता होने की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में जरूरी कार्रवाई नहीं की। इस आरोप पर पुलिस की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

आगे क्या

मामले में मुख्य आरोपी और संभवतः एक अन्य संदिग्ध नाबालिग हैं, इसलिए उनसे जुड़ी कार्रवाई किशोर न्याय कानून के दायरे में होगी। पुलिस सोशल मीडिया चैट, फोन रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

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