मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में 3,567 नव चयनित माध्यमिक विद्यालय कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के सरकार के दावों को दोहराते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर भर्तियों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के जरिये चयनित इन अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) और 2,372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। यह नियुक्तियां प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में हो रही हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण प्रदेश भर में किया गया।
नकल माफिया और भर्ती में गड़बड़ी पर सीएम का आरोप
सीएम योगी ने कहा कि नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि कोई गिरोह भर्ती परीक्षाओं में डकैती न डाल सके। उन्होंने दावा किया कि पहले युवाओं के अधिकार पर डाका डाला जाता था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक बयान है।
समाजवादी पार्टी पर परोक्ष निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था, वे आज उपदेश दे रहे हैं। उन्होंने अपने संबोधन में “सैफई सिंडिकेट” शब्द का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि पहले भर्तियों में डकैती डाली जाती थी। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
कार्यक्रम में मौजूद एक अभ्यर्थी ने भावुक होकर बताया कि उसने 2015 में भी इसी पद के लिए आवेदन किया था, तब उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी और जब तक वह पैसों का इंतजाम कर पाया, उससे ज्यादा रकम देने वाले किसी अन्य व्यक्ति को नौकरी मिल गई। उसका कहना था कि इस बार उसे योग्यता के आधार पर उसी पद पर नौकरी मिली है। यह दावा अभ्यर्थी का निजी अनुभव है, जिसकी अलग से पुष्टि नहीं की जा सकी।
प्रयागराज के धरनारत छात्रों को राहत का आश्वासन
सीएम ने प्रयागराज में धरने पर बैठे कुछ छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें राहत देने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंत्री से NCTE को पत्र लिखने को कहा गया है, ताकि छात्रों को एक बार छूट दी जाए और एक निश्चित समय के बाद नियम लागू हों।
शिक्षकों की भूमिका पर सीएम का संदेश
सीएम योगी ने शिक्षकों की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि यदि एक शिक्षक साल भर में 100 छात्रों से जुड़ता है, तो सभी 3,567 शिक्षक मिलकर साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चों का मार्गदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्योग को गति शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी ही देंगे, और यही प्रक्रिया आत्मनिर्भर भारत की नींव बनेगी।
उन्होंने ऐतिहासिक-पौराणिक उदाहरण देते हुए कहा कि राम आदर्श का प्रतीक हैं और महर्षि अगस्त्य ने उत्तर-दक्षिण को जोड़ने का दायित्व निभाया। उन्होंने गुरु सांदीपनि का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस पंक्ति में कृष्ण पढ़ते थे, उसी में सुदामा भी पढ़ते थे। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का भी जिक्र करते हुए कहा कि वैज्ञानिक होते हुए भी वे खुद को शिक्षक के रूप में पेश करते थे।
नई नियुक्तियों के साथ चयनित अभ्यर्थियों के लिए अपने-अपने पदों पर कार्यभार संभालने का रास्ता साफ हो गया है।

