आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। ओपीडी में कुल 4,315 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जिससे पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक हर जगह लंबी कतारें लग गईं और धक्कामुक्की की नौबत आ गई। कई मरीजों को चार से पांच घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद परामर्श और इलाज मिल सका। गर्मी और उमस के बीच लंबे इंतजार से मरीजों की हालत और बिगड़ गई।
गेट तक पहुंची पर्चे की लाइन
दोपहर एक बजे तक पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन अस्पताल के गेट के बाहर तक पहुंच गई। जल्दी पर्चा बनवाने की होड़ में मरीजों के बीच धक्कामुक्की भी हुई, जिसके बाद गार्ड ने व्यवस्था संभाली। डॉक्टर को दिखाने, दवा लेने और उसके बाद जांच कराने के लिए भी मरीजों को अलग-अलग लाइनों में लगना पड़ा। सीटें कम होने के कारण बुजुर्ग और महिला मरीजों को खासतौर पर परेशानी उठानी पड़ी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सोमवार, मंगलवार और बुधवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्यतः अधिक रहती है। उनके अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त गार्ड तैनात किए गए हैं और बुजुर्ग व महिला मरीजों के लिए बैठने की सीटें बढ़ाई जाएंगी।
वायरल फीवर के मरीज बढ़े, प्लेटलेट्स हो रहीं कम
एसएन के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर के अनुसार, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन मरीजों में तेज बुखार, सिर व मांसपेशियों में दर्द के साथ गले में संक्रमण और सीने में जकड़न की शिकायत मिल रही है। कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने के साथ ब्लड प्रेशर में भी गड़बड़ी देखी जा रही है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि इस समय ओपीडी में आ रहे करीब 80-90 फीसदी मरीज वायरल फीवर से पीड़ित हैं। बच्चों में गले में दर्द-खराश, पेट दर्द और उल्टी की समस्या के साथ भूख कम लगने से कमजोरी की शिकायत भी मिल रही है।
डॉक्टरों की सलाह
चिकित्सकों ने मरीजों को ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से परहेज करने की सलाह दी है। गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करने और भाप लेने को कहा गया है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से आगाह किया कि बच्चों को खुद से कोई कफ सिरप या दवा न दी जाए। इसके अलावा पर्याप्त आराम करने और दाल, हरी सब्जी, फल व सूखे मेवे जैसी पौष्टिक चीजें खाने की सलाह दी गई है।
विभागवार मरीजों की स्थिति
सोमवार को ओपीडी में पहुंचे कुल 4,315 मरीजों में से 885 मेडिसिन विभाग, 458 हड्डी रोग विभाग, 424 त्वचा रोग विभाग और 323 वक्ष-सांस रोग विभाग में इलाज के लिए पहुंचे।
एसएन मेडिकल कॉलेज में बीते कुछ हफ्तों से मौसम में बदलाव के चलते वायरल फीवर, डायरिया और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

