आगरा जिला अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन सोमवार को ठीक होने के बाद मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मशीन कई दिनों से खराब पड़ी थी, जिसके चलते सिर्फ पोर्टेबल मशीन से ही जरूरी एक्स-रे किए जा रहे थे। मशीन के लंबे समय तक खराब रहने पर संबंधित कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
कई दिन रही मशीन खराब, मरीज परेशान
जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 200 से 250 मरीजों के एक्स-रे होते हैं। लेकिन डिजिटल मशीन खराब होने के कारण बीते दिनों पोर्टेबल मशीन से ही काम चलाया जा रहा था, जिससे बड़ी संख्या में मरीज बिना जांच कराए ही लौटने को मजबूर हो रहे थे। मशीन ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी को पहले ही सूचित कर दिया गया था, लेकिन मशीन के लिए जरूरी एक स्पेयर पार्ट विदेश से मंगाया जाना था, जिसके चलते मरम्मत में देरी हुई।
सोमवार को ठीक हुई मशीन, लगी कतारें
सोमवार सुबह जैसे ही मशीन ठीक हुई, एक्स-रे कराने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। पहले ही दिन कुल 229 मरीजों के एक्स-रे किए गए।
प्रमुख अधीक्षिका डॉ. सुनीता राठौर ने बताया कि डिजिटल मशीन का स्पेयर पार्ट विदेश से मंगाया गया था, जिसे सोमवार सुबह ही मशीन में लगवाकर उसे दोबारा सुचारू रूप से चालू करा दिया गया है।
कंपनी पर 30 हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना
नियमानुसार, यदि साल भर में मशीन तय सीमा से अधिक दिनों तक खराब रहती है, तो संबंधित कंपनी पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। इसी नियम के तहत इस बार कंपनी पर 30 हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया गया है।
मशीन के दोबारा चालू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है, हालांकि खराबी के दौरान लंबे समय तक जिन मरीजों को असुविधा हुई, उसकी भरपाई का कोई अलग प्रावधान फिलहाल सामने नहीं आया है।

