अलीगढ़ के खैर क्षेत्र के गांव अहरौला में बुधवार शाम वारंटी हिस्ट्रीशीटर महावीर को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव हो गया। इस हमले में उपनिरीक्षक अंकुर कुशवाहा और कांस्टेबल आकाश घायल हो गए और पुलिस की लेपर्ड बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मुख्य वांछित महावीर समेत तीन आरोपी अब भी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार क्या हुआ
क्राइम इंस्पेक्टर इफ्तिखार अली के मुताबिक, शिवाला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अंकुर कुशवाहा कांस्टेबल मुकेश बाबू, अनुज कुमार और आकाश के साथ अहरौला निवासी महावीर पुत्र लख्मीचंद को गिरफ्तार करने पहुंचे थे। महावीर थाना स्तर का हिस्ट्रीशीटर है और मुकदमा संख्या 547/11 में वारंटी था।
पुलिस का आरोप है कि टीम ने जब महावीर को पकड़ने की कोशिश की, तो घर पर मौजूद आकाश पुत्र रमेश चंद्र, बनी सिंह पुत्र रोशन, पवन, विकास पुत्र बनी सिंह, अरुण पुत्र केसरी राम और महावीर ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि इन सभी ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और फिर पथराव कर दिया।
दो पुलिसकर्मी घायल, बाइक क्षतिग्रस्त
पथराव में उपनिरीक्षक अंकुर कुशवाहा के हाथ में चोट आई, जबकि कांस्टेबल आकाश भी घायल हुए। पथराव की चपेट में आने से पुलिस की लेपर्ड बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिसकर्मी मौके से निकले और अतिरिक्त बल को सूचना दी।
अतिरिक्त बल पहुंचा तो भागने लगे आरोपी
अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने पर आरोपी भागने लगे। पुलिस ने आकाश, पवन और बनी सिंह को पकड़ लिया। महावीर, विकास और अरुण फरार होने में सफल रहे।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
फरार आरोपियों की तलाश, गांव में शांति
क्षेत्राधिकारी खैर अभिषेक पटेल ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। उनके अनुसार गांव में फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।
आकाश की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी
पुलिस की कार्रवाई पथराव के मुकदमे तक सीमित नहीं रहेगी। क्षेत्राधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आकाश महावीर का सहयोगी बताया गया है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है और उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

