बिहार के सारण जिले में बाढ़ पीड़ितों के लिए हेलीकॉप्टर से गिराए जा रहे राहत सामग्री के पैकेट की चपेट में आने से अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव के अनिल कुमार सिंह की मौत हो गई। घटना शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक राहत शिविर के पास हुई। पुलिस के अनुसार शुरुआती जानकारी में पैकेट लगने से मौत की बात सामने आई है, लेकिन मौत के सही कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
पुलिस ने क्या बताया
मढ़ौरा के एसडीपीओ सबिंद्र कुमार दास के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में हेलीकॉप्टर से गिराए गए राहत पैकेट के सिर पर लगने से व्यक्ति की मौत हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और पुलिस जांच कर रही है।
अमनौर थाना प्रभारी विमलेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार मौत राहत सामग्री का पैकेट लगने से हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मृतक के सिर या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
परिजनों और ग्रामीणों का कहना
मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता भोजन के बाद बैठे थे, तभी हेलीकॉप्टर से गिरा पैकेट उनके सिर पर लगा और वे गिर पड़े। परिजनों के अनुसार इसके बाद उनकी छाती पर भी कई पैकेट गिरे। यह परिजनों का बयान है और पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मौत के बाद नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर आवागमन रोक दिया। पुलिस और अधिकारियों के समझाने पर जाम हटा।
टिन शेड उखड़ने से महिला घायल
थाना प्रभारी के अनुसार राहत अभियान के दौरान एक और घटना हुई। काफी नीचे उड़ रहे हेलीकॉप्टर की हवा के दबाव से एक टिन शेड उखड़ गया। उसकी चपेट में आने से एक महिला के पैर में मामूली चोट आई। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत ठीक बताई गई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया है कि मृतक की पत्नी भी पैकेट की चपेट में आई थीं और उन्हें गंभीर चोट लगी, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
सारण में बाढ़ की स्थिति
शुक्रवार को गंडक का पानी तटबंध टूटने के बाद सारण के नए इलाकों में फैल गया। छपरा से मुजफ्फरपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 722 पर तीन से चार किलोमीटर का हिस्सा पानी में डूबा है। ग्रामीणों का कहना है कि मकेर के हैजलपुर में बांध क्षतिग्रस्त होने से यह आपदा आई है। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
आपदा प्रबंधन विभाग के बयान के मुताबिक सारण में एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की सात टीमें तैनात हैं। बेतिया, गोपालगंज, भागलपुर, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से भी अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं। एनडीआरएफ की टीमों में 360 जवान हैं और वे 50 से ज्यादा नावों से राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। एसडीआरएफ के 140 से ज्यादा जवानों के पास 36 से ज्यादा नावें हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से 3,000 से ज्यादा राशन पैकेट पहुंचाए जा चुके हैं।
अधिकारियों के अनुसार नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा नदियों का जलस्तर कई जगह खतरे के निशान से ऊपर है। जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गंडक के उफान से सारण, गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, वैशाली, सुपौल और पटना समेत कई जिलों में तटबंधों पर खतरा बढ़ा है।
मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड में चक्की सुहागपुर थाना परिसर में तीन फीट से ज्यादा पानी भर गया है। पुलिसकर्मियों और थाने पहुंचने वाले ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। पुलिस गश्त भी नाव से हो रही है।

