कर्नाटक के बीदर जिले में पुलिस ने 24 साल के एक युवक को पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी शहजाद भट्टी और उसके साथियों से संपर्क के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी भालकी तालुक के एनकूर (येनकूर) गांव का रहने वाला विशाल कुमार मेट्रे है, जिसका नाम कुछ रिपोर्टों में मैत्रे भी लिखा गया है। उस पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराओं में केस दर्ज है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी स्थानीय पुलिस की मदद से मामले की आगे की कार्यवाही संभाल ली है।
एफआईआर में क्या आरोप हैं
भालकी ग्रामीण सर्कल के सर्कल इंस्पेक्टर हनमारेड्डेप्पा की शिकायत पर खटक चिंचोली थाने में क्राइम नंबर 83/2026 दर्ज हुआ है। केस UAPA की धारा 18 (आतंकी साजिश), 20 (आतंकी संगठन का सदस्य होना) और 39 (आतंकी गतिविधियों को समर्थन) के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) और 3(5) में दर्ज है।
एफआईआर के अनुसार खुफिया सूचना मिली थी कि विशाल प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सदस्यों और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क में है। इसी आधार पर सर्कल इंस्पेक्टर की टीम तड़के करीब 3.30 बजे एनकूर गांव पहुंची। एफआईआर में पुलिस का दावा है कि उसके मोबाइल की शुरुआती जांच में व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान-आधारित शहजाद भट्टी और उसके कथित साथी राणा हुनैन से संपर्क मिला। कुछ रिपोर्टों में तीसरा नाम नोमी खान बताया गया है।
पुलिस का आरोप है कि बातचीत में हथियारों की अवैध तस्करी और बिक्री पर चर्चा हुई। एफआईआर के हवाले से यह भी बताया गया है कि आरोपी दो व्हाट्सऐप चैनलों से जुड़ा था, जिनमें देश की एकता और संप्रभुता के खिलाफ सामग्री होने का आरोप है। यह सब अभी पुलिस के आरोप हैं और अदालत में साबित होने बाकी हैं।
गिरफ्तारी और जांच
पुलिस के अनुसार विशाल को 1 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। बीदर के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंटी ने कहा कि अदालती कार्यवाही चल रही है और उसके बाद आगे की जानकारी दी जाएगी। पुलिस के मुताबिक आरोपी स्नातक है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया विभाग कई महीनों से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था, पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल जांच एजेंसियां उसकी सोशल मीडिया बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर पहले भी कार्रवाई
शहजाद भट्टी पाकिस्तान-आधारित गैंगस्टर है, जिसे जांच एजेंसियां भारत में कई मामलों में आरोपी बताती रही हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार 12 अगस्त को 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई में इस नेटवर्क से जुड़े 253 लोग हिरासत में लिए गए थे। मंत्रालय ने बताया था कि दिल्ली और कर्नाटक में नई एफआईआर दर्ज हुई थीं। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे आईएसआई समर्थित नेटवर्क बताया था। बीदर का यह ताजा मामला उसी जांच-श्रृंखला से जुड़ा है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या
एनआईए और पुलिस आरोपी के संपर्कों और संभावित साथियों की जांच कर रही हैं। एफआईआर में कर्नाटक के बीदर के कुछ अज्ञात लोगों का भी जिक्र है। जांच में आगे क्या सामने आता है, यह एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

