आगरा रोडवेज: जांच में बस के छह यात्री निकले बेटिकट, मार्गपत्र पर दर्ज हुए सिर्फ तीन; परिचालक ने बताया मशीन की तकनीकी गड़बड़ी

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आगरा रोडवेज: बस में 6 बेटिकट यात्री मिले, मार्गपत्र पर सिर्फ 3 दर्ज

आगरा में रोडवेज की फोर्ट डिपो की एक बस की जांच में छह यात्री बिना टिकट मिले, लेकिन मार्गपत्र पर केवल तीन यात्रियों का उल्लेख किया गया। इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन में छह यात्रियों का रिकॉर्ड दर्ज था। परिचालक ने इस अंतर की वजह टिकट रोल बदलने के बाद मशीन के हैंग होने को बताया है। इस मामले ने बेटिकट यात्रियों पर कार्रवाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

28 सितंबर को क्या हुआ

28 सितंबर को मुख्यालय प्रवर्तन दल ने फिरोजाबाद से आगरा आ रही फोर्ट डिपो की बस की जांच की। बस में एक संविदा चालक और नियमित परिचालक मोहन श्याम तैनात थे। जांच के दौरान छह यात्री बिना टिकट पाए गए और उनसे कुल 3,000 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया।

जांच में सामने आया कि इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन में छह यात्रियों का उल्लेख था, जबकि मार्गपत्र पर केवल तीन यात्रियों की टिप्पणी दर्ज की गई थी।

परिचालक का पक्ष

परिचालक ने बताया कि टिकट रोल खत्म होने के बाद नया रोल लगाया गया, तो मशीन हैंग हो गई। उनके अनुसार यह तकनीकी गड़बड़ी थी।

पहले भी मिले थे बेटिकट यात्री

बताया गया है कि इससे पहले भी बसों में बिना टिकट यात्री पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं। 24 अप्रैल को चार, 8 मई को 15 और एक अन्य मौके पर 10 यात्री बेटिकट मिले थे।

इसी क्रम में बताया गया कि दो यातायात निरीक्षकों को प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया था, लेकिन दोबारा जांच के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। यह स्पष्ट नहीं है कि यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी थी।

नियम और आरोप

विभागीय नियम के अनुसार, पांच यात्री बेटिकट मिलने पर संविदा परिचालक की संविदा समाप्त कर दी जाती है। परिचालक नियमित कर्मचारी हो तो उसे निलंबित किया जाता है। इस मामले में रिकॉर्ड में तीन यात्री दर्ज किए गए, जो इस सीमा से कम है।

आरोप है कि कर्मचारियों को कार्रवाई से बचाने के लिए बेटिकट यात्रियों की संख्या पांच से कम दिखाई जाती है। यह आरोप अभी किसी जांच में साबित नहीं हुआ है। रोडवेज में बेटिकट यात्रा से विभाग के राजस्व को नुकसान होता है, इसलिए निगरानी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

रोडवेज प्रबंधन का जवाब

रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने कहा कि छह यात्री पकड़े जाने के मामले में सहायक निरीक्षक से गलती हुई थी और गलती से बटन दब गया था। उनके मुताबिक टिकट व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में किसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

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