सुप्रीम कोर्ट में संजय राउत ने मांगी बिना शर्त माफी, अवमानना कार्यवाही बंद करने का अनुरोध; 17 नवंबर को पेशी तय

indianloveindia
3 Min Read
संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई से मांगी बिना शर्त माफी, 17 नवंबर को पेशी

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से बिना शर्त माफी मांगी है। यह माफी मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर शुरू की गई आपराधिक अवमानना की कार्यवाही के सिलसिले में दाखिल की गई है। राउत ने अदालत से अनुरोध किया है कि माफी स्वीकार कर उन्हें जारी कारण बताओ नोटिस समाप्त किया जाए और कार्यवाही बंद कर दी जाए। अदालत ने उन्हें 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

माफीनामे में क्या कहा गया

रिपोर्टों के अनुसार, राउत ने कहा कि वे अपनी बिना शर्त और बिना किसी सीमा के माफी मांगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि माफी स्वेच्छा से, बिना किसी दबाव या शर्त के दी जा रही है। उन्हें अपनी टिप्पणियों पर पछतावा है और वे उनका बचाव या औचित्य सिद्ध करने की कोशिश नहीं कर रहे। राउत ने कहा कि उनके मन में सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के प्रति गहरा सम्मान है, जो कानून का शासन बनाए रखने, संविधान के मूल्यों की रक्षा करने और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने भविष्य में न्यायपालिका के बारे में सार्वजनिक रूप से बोलते समय अधिक सावधानी और संयम बरतने का भरोसा दिया।

मामला क्या है

अदालत ने 16 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की आपराधिक अवमानना याचिका पर राउत और पत्रकार निखिल वागले को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप है कि दोनों की मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका को लेकर की गई टिप्पणियां न्यायपालिका के अधिकार को कमजोर करती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एससीबीए ने अटॉर्नी जनरल की लिखित सहमति लेने के बाद यह याचिका दाखिल की, जो अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15 के तहत जरूरी है। मामले में अब तक किसी को अवमानना का दोषी नहीं ठहराया गया है।

28 अक्तूबर की सुनवाई

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने बुधवार, 28 अक्तूबर को राउत को 17 नवंबर को दोपहर दो बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। वागले की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने बताया कि उन्होंने आपत्तिजनक पोस्ट हटा दी है और बिना शर्त माफी मांगी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि अदालत ने वागले का नोटिस फिलहाल खारिज नहीं किया। सुनवाई के बाद राउत ने कहा कि वे निर्देशानुसार अदालत में उपस्थित रहेंगे।

आगे क्या

अब 17 नवंबर की सुनवाई पर नजर रहेगी, जब अदालत तय करेगी कि राउत की माफी स्वीकार की जाए या नहीं और कार्यवाही आगे बढ़ेगी या बंद होगी। राउत की टिप्पणियों के सटीक शब्द और अदालत का अंतिम रुख इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक सामने नहीं आया है।

Share This Article