दिवाली और छठ पूजा पर घर लौटने की होड़ के बीच देश के बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। दिल्ली और मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कई नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल है, जबकि लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण बड़ी संख्या में लोग जनरल कोच में सफर करने को मजबूर हैं।
रेलवे स्टेशनों के साथ बस अड्डों पर भी यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है। खासकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। त्योहार पर समय से घर पहुंचने की चाह में लोग घंटों कतारों में खड़े होकर ट्रेन में चढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
मुंबई के LTT स्टेशन पर देर रात से कतारें, बनाए गए होल्डिंग एरिया
मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर त्योहार के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन पर यात्रियों के लिए शेड वाले होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, ताकि ट्रेन आने से पहले उन्हें व्यवस्थित तरीके से रोका जा सके और प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ न बढ़े।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF), टिकट जांच और वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, पंखे, रोशनी, मोबाइल चार्जिंग और खाने-पीने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। रेलवे अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मध्य रेलवे ने 5 से 15 नवंबर तक मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), दादर, LTT, ठाणे और कल्याण स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी है।
दिल्ली के प्रमुख स्टेशनों पर भी प्लेटफॉर्म टिकट बंद
दिल्ली में भी त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने सख्त कदम उठाए हैं। नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद, आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार हॉल्ट पर 3 से 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री बंद रखी गई है।
रेलवे का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम करना और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। हालांकि, बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांग और सहायता की जरूरत वाले यात्रियों के साथ आने वाले लोगों को निर्धारित नियमों के तहत छूट दी गई है।
रेलवे ने बढ़ाई स्पेशल ट्रेनों की संख्या
दिवाली और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। उत्तर रेलवे की ओर से नई दिल्ली से गोरखपुर के लिए 04022/04021 स्पेशल ट्रेन 6 और 13 नवंबर को चलाने का कार्यक्रम है। इस ट्रेन का ठहराव गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखनऊ, गोंडा और बस्ती में भी निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा आनंद विहार टर्मिनल से छपरा के बीच 04058/04057 आरक्षित फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 3 से 17 नवंबर के बीच निर्धारित तारीखों पर चलाई जा रही है। नई दिल्ली से हावड़ा, दिल्ली से दरभंगा और आनंद विहार से मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य रूटों पर भी विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है।
मुंबई में भी मध्य रेलवे ने LTT से विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया है। इन अतिरिक्त सेवाओं का मकसद नियमित ट्रेनों में बढ़ते दबाव को कम करना और यात्रियों को घर पहुंचने के लिए अधिक विकल्प देना है। हालांकि, स्पेशल ट्रेनें चलने के बावजूद यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले सीट की उपलब्धता और ट्रेन का समय जरूर जांचना चाहिए।
दिल्ली-NCR की सड़कों पर भी त्योहार का असर, कई जगह जाम
रेलवे स्टेशनों के साथ दिल्ली-NCR की सड़कों पर भी दिवाली की खरीदारी और त्योहार के सफर का असर दिखाई दे रहा है। दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। धौला कुआं, विकास मार्ग, रिंग रोड और आउटर रिंग रोड जैसे मार्गों पर यातायात धीमा रहने की खबरें हैं।
चांदनी चौक, साउथ एक्सटेंशन और लाजपत नगर जैसे बाजारों के आसपास भी खरीदारी के लिए निकल रहे लोगों के कारण वाहनों का दबाव बढ़ा है। दिल्ली से नोएडा आने-जाने वाले यात्रियों को भी सामान्य से अधिक समय लग रहा है।
केंद्रीय दिल्ली में तीन मूर्ति मार्ग और कुशक रोड पर भी यातायात धीमा रहा। वहीं, धौला कुआं की ओर जाने वाले रास्तों पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। त्योहार के दौरान बाजारों और परिवहन केंद्रों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को देखते हुए यात्रियों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की न करें और प्लेटफॉर्म पर रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। बिना टिकट या केवल वेटिंग टिकट के आधार पर यात्रा करने से पहले लागू नियमों की जानकारी जरूर लें। ट्रेन की स्थिति, प्लेटफॉर्म और समय की पुष्टि रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से करें।
दिवाली और छठ पर घर पहुंचने की जल्दबाजी के बीच यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। रेलवे और सड़क प्रशासन के सामने चुनौती है कि त्योहारों की इस भारी आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभाला जाए।

