मुंबई। नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सह-निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया है कि जब उन्होंने इकोनॉमिक्स की पढ़ाई और विदेश में नौकरी का रास्ता छोड़कर फिल्म बनाने का फैसला किया, तो उनके पिता को चिंता हुई कि बेटी भटक रही है। एक इंटरव्यू में 21 वर्षीय अनुप्रिया ने बताया कि इस फैसले से उनका परिवार हैरान रह गया था। अब यही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर करीब 450 करोड़ रुपये की वैश्विक कमाई के अनुमान तक पहुंच चुकी है।
विदेश में करियर की थी योजना
अनुप्रिया के मुताबिक, शुरुआत में उनकी योजना फिल्म बनाने की नहीं थी। उन्होंने ब्रिटेन में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है और विदेश में नौकरी करना चाहती थीं। उनके अनुसार ज्यूरिख में उनके लिए नौकरी का विकल्प था। इसी दौरान वह Apple की चयन प्रक्रिया में दूसरे दौर तक पहुंचीं, लेकिन आगे नहीं बढ़ सकीं।
स्टीव जॉब्स से कैंची धाम तक
अनुप्रिया ने बताया कि इसके बाद उन्होंने Apple के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स के शुरुआती जीवन के बारे में पढ़ना शुरू किया। उन्हें पता चला कि जॉब्स ने उत्तराखंड के कैंची धाम से प्रेरणा ली थी। इसके बाद वह खुद कैंची धाम गईं और नीम करोली बाबा की भक्त बन गईं। अनुप्रिया का कहना है कि इसी जुड़ाव के कारण वह निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़ीं।
“पिता को लगा, बेटी भटक रही है”
अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म में पैसा लगाने के फैसले पर उनके पिता को शुरुआत में आपत्ति थी। उनके शब्दों में, पिता को लगा कि बेटी विदेश से इकोनॉमिक्स पढ़कर आई है और अब अच्छी नौकरी छोड़कर फिल्म में पैसा लगाना चाहती है। उन्होंने बताया कि पिता की नजर में यह बड़ा जोखिम था।
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म 7 अगस्त को रिलीज हुई थी और उस समय उनके पिता लंदन में थे। भारत लौटने पर उन्होंने फिल्म देखने की इच्छा जताई, लेकिन अनुप्रिया के अनुसार मुंबई के किसी थिएटर में उन्हें टिकट नहीं मिल सका।
फिल्म और उसकी कमाई
‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त को सिनेमाघरों में आई थी। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार फिल्म करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी है। बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग के अनुमानों के मुताबिक फिल्म की शुरुआत धीमी रही और पहले दिन की कमाई करीब 10 लाख रुपये बताई गई। बाद में फिल्म ने रफ्तार पकड़ी। अनुमानों के अनुसार भारत में इसका नेट कलेक्शन 340 करोड़ रुपये से ऊपर और दुनियाभर में ग्रॉस कलेक्शन करीब 450 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुका है। ये आंकड़े निर्माताओं की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं।
अकेली निर्माता नहीं
अनुप्रिया पहले एक बातचीत में साफ कर चुकी हैं कि फिल्म को तीन महिलाओं ने मिलकर प्रोड्यूस किया है और वह उनमें सबसे कम उम्र की हैं। उनके मुताबिक वह पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान टीम से जुड़ीं और यह धारणा सही नहीं है कि पूरी फिल्म उन्होंने अकेले बनाई। उन्होंने फिल्म के लिए अपनी बचत लगाने की बात भी कही है।
कमाई के बंटवारे पर अनुप्रिया ने बताया कि पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स का हिस्सा जाएगा, फिर टैक्स और अन्य खर्च चुकाए जाएंगे। इसके बाद जो मुनाफा बचेगा, वह तीन निर्माताओं और निर्देशक, यानी चार साझेदारों के बीच बंटेगा।

