बीड में व्यापारी से निजी वीडियो के नाम पर 47 लाख रुपये ऐंठने का आरोप, दो नेपाली युवतियों पर मामला दर्ज

indianloveindia
3 Min Read
बीड ब्लैकमेलिंग केस: व्यापारी से 47 लाख की वसूली का आरोप, दो पर केस

बीड (महाराष्ट्र)। बीड जिले में एक व्यापारी को ऑनलाइन ऐप के जरिए जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने और उनसे करीब 47 लाख रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, दो नेपाली युवतियों ने “टैंगो” ऐप पर संपर्क कर व्यापारी का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे वायरल करने की धमकी देकर बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम ली। शिवाजीनगर पुलिस ने प्रिया देवी प्रसाद और तमन्ना रावत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।

शिकायत में क्या आरोप

शिकायतकर्ता व्यापारी का आरोप है कि दोनों युवतियों ने ऐप के जरिए उनसे संपर्क बढ़ाया। इसके बाद उनका निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। फिर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर लगातार पैसे मांगे गए। शिकायत के मुताबिक, यह रकम कई बार में बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से ली गई और कुल राशि करीब 47 लाख रुपये बताई गई है।

व्यापारी को उच्चशिक्षित बताया गया है। बताया गया है कि उन्होंने सबूतों के साथ पुलिस में शिकायत दी।

अन्य गंभीर आरोप, पुष्टि नहीं

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपी नेपाली नागरिक हैं और उन्होंने भारत में कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट और आधार कार्ड बनवा रखे हैं। यह आशंका भी जताई गई है कि वे भारतीय लड़कियों को अवैध रूप से विदेश भेजकर देह व्यापार कराने वाले किसी रैकेट से जुड़ी हो सकती हैं। ये आरोप अभी शिकायत तक सीमित हैं। पुलिस की ओर से इनकी पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है और जांच में ही स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस की स्थिति

बताया गया है कि पुलिस ने शिकायत पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। दर्ज धाराओं और बैंक खातों व क्रिप्टो लेनदेन की जांच के बारे में पुलिस का आधिकारिक बयान अभी उपलब्ध नहीं है। आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर क्या करें

साइबर विशेषज्ञ ऐसे मामलों में अनजान लोगों को वीडियो कॉल या निजी सामग्री साझा करने से बचने की सलाह देते हैं। ब्लैकमेलिंग की स्थिति में पैसे देने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने पर शिकायत करनी चाहिए। बातचीत, स्क्रीनशॉट और लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए।

Share This Article