लखीमपुर खीरी में विपुल मिश्रा हत्याकांड का 36 घंटे में खुलासे का दावा, नामजद आरोपी देवेश उर्फ बिल्लू मुठभेड़ में गिरफ्तार

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लखीमपुर खीरी विपुल मिश्रा हत्याकांड: नामजद आरोपी देवेश मुठभेड़ में गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी। नीमगांव थाना क्षेत्र में युवक विपुल मिश्रा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार सुबह एक नामजद आरोपी देवेश उर्फ बिल्लू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस मामले का 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान आरोपी ने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल बताई जा रही बाइक बरामद हुई है।

कब और कहां हुई थी वारदात

पुलिस के अनुसार, एक नवंबर (रविवार) को नीमगांव थाना क्षेत्र के ढखिया मदन गांव में मन्ना की बाग के पास विपुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्टों के अनुसार, वह शाम को बाजार से घर लौट रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर में दो गोलियां फंसी पाई गईं। मृतक के भाई की तहरीर पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थीं।

चेकिंग के दौरान मुठभेड़

सीओ मितौली यादवेंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार सुबह नीमगांव पुलिस सिकंदराबाद-रायपुर मार्ग पर घुंसी मोड़ के पास संदिग्धों और वांछित आरोपियों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस के अनुसार, पुलिस को देखकर देवेश भागने लगा और रोकने पर उसने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे सुबह करीब 5.03 बजे गिरफ्तार किया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मितौली थाना क्षेत्र के रामखेड़ा गांव का रहने वाला है। रिपोर्टों में मृतक को भी इसी गांव का बताया गया है। आरोपी के खिलाफ मितौली थाने में मारपीट और धमकी समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। मुठभेड़ के संबंध में नीमगांव थाने में बीएनएस की धारा 109(1) और आर्म्स एक्ट की धाराओं में एक और मामला दर्ज किया गया है।

विवाद की वजह पर अलग-अलग बातें

हत्या के कारण को लेकर पुलिस की ओर से अभी स्पष्ट बयान नहीं मिला है। रिपोर्टों में परिजनों के हवाले से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। एक में खेत जोतने को लेकर करीब छह महीने पुराने विवाद का जिक्र है, जबकि दूसरी में मजदूरी के पैसों के विवाद की बात कही गई है। ये फिलहाल परिजनों के आरोप हैं और पुलिस जांच से ही इनकी पुष्टि होगी।

आगे क्या

मामले में तीन लोग नामजद हैं। बाकी दो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपी पर लगे आरोप अदालत में साबित होने बाकी हैं।

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