ओडिशा: ईडी की छापेमारी में घर से मिले हाथी दांत और हिरण के सींग, वन विभाग ने कंपनी के ओडिशा प्रमुख को किया गिरफ्तार

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ईडी छापे में मिले हाथी दांत और हिरण के सींग, मयूरभंज में एक गिरफ्तार

ओडिशा के मयूरभंज जिले में करीब 120 करोड़ रुपये के कथित निवेश धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी के दौरान एक घर से हाथी दांत और हिरण के सींग जैसी वन्यजीव सामग्री मिली। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, सामान जब्त किया और घर के मालिक ईश्वर बिंधाणि को वन्यजीव सामग्री रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। ईडी की जांच वित्तीय धोखाधड़ी की है, जबकि यह गिरफ्तारी वन विभाग ने अलग मामले में की है।

बुधवार को 10 ठिकानों पर छापे

ईडी के भुवनेश्वर जोनल कार्यालय ने बुधवार (4 नवंबर) को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में करीब 10 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक अमित मंडल से जुड़े मामले में की गई। ईडी के अनुसार, यह मामला ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ है।

ईडी के बयान के मुताबिक, आरोप है कि लोगों को शेयर बाजार या ट्रेडिंग में पैसा लगाने के नाम पर 3.5 से 7 फीसदी तक के तय मासिक रिटर्न का भरोसा दिया गया और इस तरह करीब 120 करोड़ रुपये जमा कराए गए। अलग-अलग विवरणों में धोखाधड़ी की रकम 122 करोड़ रुपये भी बताई गई है। ईश्वर बिंधाणि को कंपनी का ओडिशा प्रमुख बताया गया है।

कप्तिपदा थाना क्षेत्र के बिसौल गांव में 17 घंटे चली तलाशी

बिंधाणि का घर मयूरभंज जिले के बिसौल गांव में है, जो कप्तिपदा थाना क्षेत्र में आता है। ईडी की तलाशी करीब 17 घंटे चली। इस दौरान टीम ने जमीन के दस्तावेज, जेवर और बैंक पासबुक जब्त किए। तलाशी में हाथी के दांत और हिरण के सींग भी मिले।

इसके बाद वन विभाग की टीम पहुंची और सारी संदिग्ध वस्तुएं अपने कब्जे में ले लीं। बारीपदा वन प्रमंडल के सहायक वन संरक्षक मेहरबान अली के अनुसार, कुछ सींग सांभर या किसी अन्य हिरण प्रजाति के लग रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनकी पहचान जांच से तय होगी और हाथी दांत की प्रामाणिकता और स्रोत का पता लगाने के लिए उन्हें वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। बरामद सामान को आगे की जांच के लिए रेंज कार्यालय ले जाया गया है। आरोपी को अदालत में पेश किया जाना है।

आगे क्या

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त वस्तुएं असली हैं या नहीं और वे किस जानवर की हैं। प्रयोगशाला जांच के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। ईडी वित्तीय धोखाधड़ी मामले में जब्त दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर रही है। इस बारे में आरोपी का पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। तलाशी जांच का एक चरण है और इससे किसी का दोष सिद्ध नहीं होता।

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