आगरा में भूजल स्तर सुधारने और जल संरक्षण के कार्यों में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन ने कदम उठाए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी (डीएम) मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई जिला तकनीकी समन्वय समिति की समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले दो-तीन दिनों में कम से कम 10 तालाब चिह्नित कर उन पर काम शुरू कराया जाए। साथ ही अति दोहित और क्रिटिकल क्षेत्रों में स्थित सरकारी और अर्धसरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अनिवार्य रूप से लगाने का निर्णय हुआ।
तालाबों का पुनर्जीवन और निरीक्षण
डीएम ने वर्षा जल संचयन, तालाबों के पुनर्जीवन, चेकडैम और भूजल स्तर के वैज्ञानिक अध्ययन पर जोर देते हुए जल संरक्षण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि वे संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मौके पर जाकर सूखे और कम पानी वाले तालाबों का निरीक्षण करें और उनकी गहराई तथा जल भराव क्षमता का सटीक आकलन करें।
चेकडैम और भूजल का वैज्ञानिक अध्ययन
बैठक में डीएम ने भौगोलिक रूप से उपयुक्त स्थानों पर चेकडैम बनाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश का पानी अधिक समय तक रुके और भूजल स्तर सुधरे। उन्होंने प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून जलस्तर का तुलनात्मक और वैज्ञानिक अध्ययन कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण के प्रयासों का परिणाम जमीन पर दिखना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रतिभा सिंह, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) भावना यादव, सीनियर जियोफिजिसिस्ट शशांक शेखर सिंह और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संचारी रोग नियंत्रण पर टास्क फोर्स की बैठक
इसी दिन कलेक्ट्रेट सभागार में संचारी रोग नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स की बैठक भी हुई। डीएम ने माइक्रो प्लान के अनुसार गतिविधियां चलाने और जिला व ब्लॉक स्तर पर रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दैनिक प्रगति रिपोर्ट और तस्वीरें व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करना अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य विभाग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), आशा कार्यकर्ताओं और निजी अस्पतालों से समन्वय बनाकर लक्षण वाले मामलों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। पैथोलॉजी लैब में सीबीसी और मलेरिया जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज, नगर निगम, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया। स्कूलों में छात्रों के साथ स्वच्छता गतिविधियां चलाने और नगर निगम के वाहनों में जागरूकता जिंगल बजाने के निर्देश भी दिए गए। इस बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अरुण श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
अब आगे क्या
अगले कुछ दिनों में चिह्नित किए गए तालाबों की सूची और उन पर काम शुरू होने की स्थिति सामने आने की उम्मीद है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग वाले भवनों की सूची और उसकी समय-सीमा अभी तय नहीं हुई है।

