आगरा नगर निगम ने काजीपाड़ा क्षेत्र में नाले में गोबर बहाने पर एक तबेला संचालक पर सख्त कार्रवाई की है। निगम की टास्कफोर्स टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर तबेला संचालक भूदेवी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें 20 दिन के भीतर तबेला शहर की सीमा से बाहर शिफ्ट करने की चेतावनी दी।
शिकायत के बाद पहुंची टास्कफोर्स टीम
काजीपाड़ा नाले में गोबर बहाए जाने की शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त ने टास्कफोर्स को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शुक्रवार दोपहर टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि नाला गोबर से पूरी तरह भरा हुआ था और चोक हो चुका था, जिसके चलते वहां तेज दुर्गंध भी फैली हुई थी। टीम ने मामले की पुष्टि होने पर तबेला संचालक भूदेवी से मौके पर ही 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
दोबारा शिकायत मिलने पर पशु होंगे जब्त
जेडएसओ आशुतोष वर्मा ने संचालक को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर भविष्य में नाले में गोबर बहाने की शिकायत दोबारा मिली, तो जुर्माने के साथ-साथ पशुओं को भी जब्त कर लिया जाएगा। टीम ने संचालक को 20 दिन का समय देते हुए तबेला शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
जलनिकासी बाधित होने से बढ़ती है गंदगी
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि नालों में गोबर बहाने से जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होती है और आसपास गंदगी फैलती है। उन्होंने तबेला संचालकों से ऐसा न करने की अपील करते हुए दोहराया कि इस तबेले को भी 20 दिन के भीतर शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में हुई थी इसी तरह की कार्रवाई
गौरतलब है कि नगर निगम ने इससे पहले भी बुधवार को केदार नगर के शंकरगढ़ पुलिया क्षेत्र में इसी तरह की शिकायत पर एक डेयरी संचालक के बाड़े से चार भैंसें जब्त कर ली थीं, जिन्हें 16 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के बाद ही छोड़ा गया था। बीते कुछ दिनों में शहर में नालों में गोबर बहाने वाले पशुपालकों और तबेला संचालकों के खिलाफ नगर निगम की यह अभियान जैसी कार्रवाई लगातार जारी है।

