आगरा: शिवम की मौत हादसा या हत्या? परिजनों के आरोपों के बाद लखनऊ की FSL टीम सुलझाएगी गुत्थी

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आगरा: शिवम की मौत हादसा या हत्या? परिजनों के आरोपों के बाद लखनऊ की FSL टीम सुलझाएगी गुत्थी

आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के धनौली में एक नाले से मिले 17 वर्षीय शिवम सविता के शव के मामले में अब लखनऊ की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम मौत की गुत्थी सुलझाएगी। परिजनों की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास को जांच के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि FSL टीम जरूरत पड़ने पर घटनास्थल पर क्राइम सीन री-क्रिएट भी कर सकती है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस और परिजनों के मुताबिक, थाना सदर क्षेत्र के नगला प्यारे निवासी प्रेमपाल के पुत्र शिवम सविता 14 सितंबर की शाम अपने दोस्त वरुण कुशवाहा का जन्मदिन मनाने गया था। दर्जनों दोस्तों के साथ वह मलपुरा की धनौली पुलिस चौकी के पास कंचनपुर क्षेत्र में केएल गार्डन के निकट सड़क पर केक काटने लगे थे। इसी दौरान किसी ने पुलिस को शोर-शराबे की सूचना दी, जिसके बाद चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने युवकों को दौड़ाया, जिनमें कई पकड़े गए और उनसे कथित तौर पर वसूली भी की गई, जबकि शिवम भागने के दौरान पकड़ में नहीं आया। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस के पीछा करने के दौरान शिवम सड़क पर गिरकर घायल हो गया था, लेकिन उसे इलाज दिलाने के बजाय दोबारा दौड़ाया गया। बुधवार सुबह उसका शव पास के नाले में पड़ा मिला।

परिजनों के गंभीर सवाल

गुरुवार को छावनी विधानसभा के विधायक डॉ. जीएस धर्मेश परिजनों के साथ पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिवम की हत्या कर शव को पहले श्मशान घाट में छिपाया और बाद में मौका मिलने पर नाले में फेंक दिया। परिजनों ने सवाल उठाया कि जिस नाले से शव निकाला गया, उसके ऊपर कई खोखे रखे हैं और नाले की ऊंचाई महज तीन फीट है, ऐसे में साढ़े पांच फीट के शिवम का वहां गिरना संभव नहीं लगता। उन्होंने यह भी सवाल किया कि रात 2 बजे श्मशान घाट का गेट किसकी अनुमति से खोला गया।

विधायक धर्मेश ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया और रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शव पर चोट के निशान नहीं मिले, जबकि आंखें बाहर की ओर निकली हुई और जीभ बाहर थी, जो आमतौर पर गला दबाकर हत्या या फंदे से मौत के मामलों में देखा जाता है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट और मौत की वजह पानी में डूबना बताई गई है। विधायक ने यह आशंका भी जताई कि पोस्टमार्टम किसी दबाव में किया गया हो सकता है, साथ ही आरोप लगाया कि पंचायतनामा भरते समय परिवार को नहीं बुलाया गया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का दबाव बनाया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि अब तक उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई है। गौरतलब है कि यह सभी बिंदु फिलहाल परिजनों और विधायक की ओर से उठाए गए आरोप और सवाल हैं, जिन पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पिता का दर्द, सपा सांसद भी पहुंचे

शिवम के पिता प्रेमपाल ने बेटे की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि पुलिस की लापरवाही ने उनका सहारा छीन लिया और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन भी परिवार से मिलने पहुंचे और मामले की जांच के साथ परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग उठाई।

सपा ने की मजिस्ट्रियल जांच की मांग

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी परिजनों से मुलाकात कर शिवम की मौत की मजिस्ट्रियल जांच की मांग की। सपा नेता विनय अग्रवाल ने कहा कि शिवम की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी गहन और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। इस मौके पर सतीश चाहर, बलविंदर सिंह, राजीव सविता, परवेज खान, हिमांशु यादव और भानु प्रताप सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

अब आगे क्या

पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद अब लखनऊ की FSL टीम मामले की तकनीकी जांच करेगी, जिसमें जरूरत पड़ने पर घटनास्थल पर क्राइम सीन दोबारा तैयार कराया जा सकता है। मामले में अब तक किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, और परिजनों व स्थानीय राजनीतिक दलों के आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।

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