अलीगढ़ के गभाना में बनेगा 93.97 करोड़ रुपये का आलू प्रोसेसिंग प्लांट, पोटैटो फ्लेक्स यूरोप भेजने की योजना

indianloveindia
4 Min Read
अलीगढ़ के गभाना में बनेगा 93.97 करोड़ रुपये का आलू प्रोसेसिंग प्लांट, पोटैटो फ्लेक्स यूरोप भेजने की योजना

अलीगढ़ की गभाना तहसील में श्यामपुर गांव के पास 93.97 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रोसेसिंग यूनिट बनाई जा रही है। इसमें मुख्य रूप से पोटैटो फ्लेक्स तैयार किए जाएंगे, जिन्हें यूरोप और दक्षिण एशियाई देशों तक भेजने की योजना है। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ ने इसी बीच जिला प्रशासन को प्लांट स्थल की जमीनी स्थिति परखने को कहा है। amarujala

सत्यापन के निर्देश

इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त को पत्र लिखकर प्लांट स्थल का भौतिक सत्यापन कराने और वर्तमान स्थिति की जानकारी देने को कहा है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त एसपी यादव के अनुसार निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और विभाग की टीम जल्द स्थलीय निरीक्षण करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट आने तक निर्माण की वास्तविक प्रगति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

परियोजना को राज्य सरकार की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह जिले में आलू प्रोसेसिंग से जुड़ा दूसरा प्लांट बताया जा रहा है।

क्या होता है पोटैटो फ्लेक्स

पोटैटो फ्लेक्स आलू को पकाकर, मैश करके और नियंत्रित तापमान पर सुखाकर बनाया जाने वाला प्रसंस्कृत उत्पाद है। इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। खाद्य कंपनियां इसे कच्चे माल की तरह स्नैक्स, सूप, बेकरी और रेडी-टू-ईट उत्पादों में इस्तेमाल करती हैं। यानी यह प्लांट सीधे सूप या स्नैक्स के पैकेट नहीं, बल्कि उनमें काम आने वाला आलू-आधारित कच्चा माल तैयार करेगा।

खेत से फ्लेक्स तक की प्रक्रिया

प्रस्तावित प्रक्रिया के मुताबिक किसानों से मिले आलू की पहले गुणवत्ता के आधार पर छंटाई होगी। इसके बाद धुलाई-सफाई और ग्रेडिंग की जाएगी। फिर मशीनों से आलू छीला और काटा जाएगा और पकाया जाएगा। पके आलू को मैश करके पतली परत में सुखाया जाएगा। नमी नियंत्रित तरीके से सूखने के बाद परतों को तोड़कर फ्लेक्स बनाए जाएंगे और गुणवत्ता जांच के बाद पैकिंग होगी।

जिले के आलू कारोबार के लिए क्या मायने

अलीगढ़ आलू का बड़ा भंडारण केंद्र है। हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार जिले के 126 कोल्ड स्टोर में करीब 6.5 लाख टन आलू भंडारित है, जिसे खपाने के लिए दूसरे राज्यों के खरीदारों से बातचीत चल रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट का होना आलू की खपत का एक अतिरिक्त विकल्प बन सकता है। किसानों को इससे वास्तविक फायदा कितना होगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि प्लांट कितना आलू खरीदेगा और किस व्यवस्था से। फिलहाल इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। amarujala

जिले में पहले से आलू प्रोसेसिंग का काम हो रहा है। अलीगढ़ की शिवाश्रित फूड्स लिमिटेड 2017 से पोटैटो फ्लेक्स बनाने और निर्यात करने का काम कर रही है। potatopro

अभी क्या स्पष्ट नहीं है

परियोजना किस कंपनी की है, प्लांट की उत्पादन या आलू खरीद क्षमता कितनी होगी, कितने लोगों को रोजगार मिलेगा और उत्पादन कब शुरू होगा, इन बिंदुओं पर अब तक कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। यूरोप और दक्षिण एशिया में आपूर्ति भी अभी योजना के स्तर पर है।

Share This Article