एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर आंदोलन तेज, छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी पर ताला लगाया

indianloveindia
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एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर आंदोलन तेज, छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी पर ताला लगाया

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बृहस्पतिवार को और तेज हो गया। छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी बंद करा दी, जिससे पढ़ने पहुंचे विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब चुनाव की तारीख घोषित कराने और निलंबन रद्द कराने की मांग पर छात्र यासिर फहद की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 11वें दिन में पहुंच चुकी है।

लाइब्रेरी पर ताला, शर्त भी रखी

आंदोलनकारी छात्र पिछले कई दिनों से डक पॉन्ड पर धरने पर बैठे हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार छात्रों ने लाइब्रेरी के मुख्य द्वार पर ताला लगाया और कहा कि जब तक प्रशासन चुनाव कराने की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं करता, ताला नहीं खुलेगा और आंदोलन भी खत्म नहीं होगा। लाइब्रेरी कब तक बंद रहेगी और प्रशासन ने इस पर क्या रुख अपनाया, इसकी पुष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

भूख हड़ताल और मांगें

एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद 21 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं। उनके मुताबिक शुरुआती सात दिनों में उनका वजन 67 किलो से घटकर 63 किलो रह गया। फहद को हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित किया था। आंदोलनकारी चुनाव की तारीख घोषित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। निलंबन वापस लेने की मांग भी इसी आंदोलन से जुड़ गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन निलंबन के मामले में अनुशासनात्मक प्रक्रिया का हवाला दे रहा है।

धरना स्थल पर मारपीट के आरोप

धरना स्थल पर बीते दिनों हुई मारपीट का मामला भी चर्चा में है। एमटेक छात्र फैसल त्यागी का आरोप है कि वे यासिर का साथ देने पहुंचे थे, तभी बाहरी युवकों ने अभद्रता कर मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें सिर और पेट में चोटें आईं और जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर यासिर फहद ने आरोप लगाया है कि धरना खत्म कराने के लिए बाहरी लोगों को भेजा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एएमयू प्रॉक्टर के हवाले से बताया गया है कि दोनों पक्षों के प्रार्थना पत्र मिले हैं और उन्हें जांच के लिए जिला प्रशासन को भेजा जा रहा है। डक पॉइंट के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। फैसल त्यागी ने भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पृष्ठभूमि: 2019 के बाद नहीं हुए चुनाव

आंदोलन की रिपोर्टों के मुताबिक एएमयू में 2019 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं और छात्र इन्हें बहाल कराने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन की शुरुआत में भी डक पॉन्ड पर छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच धक्का-मुक्की की बात सामने आई थी। फिलहाल कैंपस में तनाव है और दोनों पक्षों के बीच चुनाव की तारीख को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है।

आगे क्या

आंदोलन का अगला चरण इस पर निर्भर करेगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव की तारीख या प्रक्रिया पर कोई घोषणा करता है या नहीं। साथ ही मारपीट की जांच और फहद की बिगड़ती सेहत पर भी नजर रहेगी।

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