कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत करीब 30 कार्यकर्ताओं को रविवार को असम पुलिस ने गुवाहाटी में हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई पार्टी की पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग शुरू होने से ठीक पहले हुई, जिसे लेकर संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है। असम पुलिस की ओर से अब तक हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या या इसके कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या था कार्यक्रम, क्यों टला
CJP असम सचिवालय के पास अपनी पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग आयोजित करने की तैयारी में था, जिसमें राज्यभर से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना थी। पार्टी के अनुसार, मूल आयोजन स्थल के प्रबंधन पर बुकिंग रद्द करने का कथित दबाव बनाए जाने के बाद कार्यक्रम स्थल बदलकर सचिवालय के सामने स्थित चौधरी टीला कर दिया गया था। इसके बावजूद, आयोजन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने आशुतोष रांका, अंकित भारद्वाज, प्रेम आकाश समेत संगठन की केंद्रीय समिति के चार सदस्यों और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले रास्ते रोक दिए और मीटिंग में आने वाले लोगों को भी वहां पहुंचने से रोका।
पार्टी की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी देते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि असम पुलिस ने आशुतोष रांका और उनकी टीम को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वकील उस स्थान के बाहर मौजूद हैं जहां कार्यकर्ताओं को रखा गया है, लेकिन पुलिस उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दे रही। दिपके ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा तंज कसते हुए सवाल किया कि वे इतने भयभीत क्यों हैं।
हिरासत में लिए जाने से पहले मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा को डर है कि अगर CJP असम के स्कूलों की असल स्थिति सामने लाएगी, तो देश को वहां के हालात का पता चल जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काजीरंगा क्षेत्र में स्थानीय लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और जमीन, जंगल व पानी जैसे संसाधन कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं। पार्टी ने रांका और अन्य हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है और कहा है कि असम में उसका जमीनी अभियान जारी रहेगा। साथ ही CJP ने दिल्ली में एक बार फिर विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही रांका और अन्य CJP नेताओं ने अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रैजोर दल के नेताओं से मुलाकात की थी। रांका शनिवार से ही असम में मौजूद थे और उन्हें इस रविवार की बैठक को संबोधित करना था।
पृष्ठभूमि — क्या है कॉकरोच जनता पार्टी
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में राजनीतिक संचार रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने एक व्यंग्यात्मक आंदोलन के तौर पर की थी। इसका नाम भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी की प्रतिक्रिया में रखा गया, और यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नाम की तर्ज पर एक तरह की पैरोडी भी है। शुरुआत में विवादित रही यह पहल बाद में युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गई। संगठन का दावा है कि वह शिक्षा, चुनावी मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित परिवारों और भूमि अधिकार जैसे मुद्दों पर सवाल उठाता रहा है।
आगे क्या
फिलहाल असम पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने के कारणों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, इसलिए CJP द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। संगठन की ओर से हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई और प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।

