फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में मृत घोषित मरीज का शव सवा घंटे फर्श पर पड़ा रहा, सीएमएस बोले- कमेटी करेगी जांच

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फर्रुखाबाद लोहिया अस्पताल: मृत घोषित मरीज का शव सवा घंटे फर्श पर पड़ा रहा

फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के लावारिस वार्ड में रविवार को लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। डॉक्टर के मृत घोषित करने के बाद 40 वर्षीय मरीज सुरेश का शव करीब सवा घंटे तक वार्ड के फर्श पर ही पड़ा रहा। मामला सामने आने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने इसे गंभीर बताते हुए कमेटी बनाकर जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

क्या है मामला

मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के मुरहास कन्हैया निवासी सुरेश को 14 अक्तूबर की शाम 4.56 बजे चेहरे पर गंभीर घाव की हालत में एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था। भर्ती के बाद उन्हें लावारिस वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।

रविवार सुबह सूचना मिलने पर इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. अमन कुमार ने 9.06 बजे सुरेश की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि उन्होंने वार्ड की ड्यूटी स्टाफ नर्स से शव को मॉर्चरी भिजवाने को कहा। साथ ही मरीज की फाइल नीचे भेजकर पुलिस सूचना बनवाने का निर्देश भी दिया।

आरोप है कि इसके बाद भी न शव मॉर्चरी भेजा गया और न ही फाइल नीचे पहुंची। सुबह 10 बजे तक ईएमओ इसका इंतजार करते रहे।

फर्श पर मिला शव

सूचना के बाद जब वार्ड में देखा गया तो सुरेश का शव फर्श पर पड़ा था। उनके हाथ-पैर अकड़े हुए थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि मृत्यु शनिवार रात ही हो गई होगी। उनके चेहरे और शरीर पर चींटों के झुंड भी लगे मिले। इससे मरीज की देखभाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मृत्यु का सही समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

डॉ. अमन कुमार वार्ड में पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि नौ बजे मृत घोषित करने के बावजूद कोई काम नहीं किया गया। उन्होंने फोटो के साथ वाट्सएप पर सीएमएस को सूचना दी। इसके बाद करीब सवा 10 बजे वार्डबॉय ने शव को मॉर्चरी में रखवाया। पुलिस को भी सूचना भेजी गई।

सीएमएस का पक्ष

सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि डॉक्टर के मृत घोषित करने के बाद एक घंटे से अधिक समय तक शव जमीन पर पड़ा रहना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि कमेटी बनाकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

इलाज में लापरवाही के सवाल पर सीएमएस ने कहा कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। उनके अनुसार मरीज के चेहरे के घाव में कीड़े पड़ गए थे और तीन-चार दिन पहले कुछ सुधार भी दिख रहा था। उन्होंने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।

आगे क्या

अब तक जांच कमेटी के गठन या किसी कर्मचारी पर कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कमेटी की जांच से शव को समय पर न हटाए जाने की जिम्मेदारी और मौत के कारण को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

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