भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनूप बागची की नियुक्ति को एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में मंजूरी दे दी है। बैंक ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि बागची तीन साल के कार्यकाल के लिए 27 अक्तूबर 2026 से यह पद संभालेंगे। वे मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 26 अक्तूबर को खत्म हो रहा है। बागची अभी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ हैं।
नियुक्ति की प्रक्रिया
बैंक की सूचना के अनुसार, RBI ने बागची की नियुक्ति के साथ उनके वेतन-भत्तों को भी मंजूरी दी है। यह मंजूरी बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35बी के तहत दी गई है। इसके बाद बैंक के निदेशक मंडल ने उन्हें 2 अक्तूबर से अतिरिक्त निदेशक नियुक्त करने को मंजूरी दी और तीन साल के लिए एमडी और सीईओ बनाने का फैसला किया। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत इस नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी होगी।
कौन हैं अनूप बागची
बागची 1992 से आईसीआईसीआई समूह से जुड़े रहे हैं। उन्होंने खुदरा और थोक बैंकिंग समेत कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे 2017 से 2023 तक आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक रहे और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के सीईओ-एमडी भी रहे हैं। जून 2023 से वे आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें बैंकिंग, पूंजी बाजार, वेल्थ मैनेजमेंट और बीमा में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु से प्रबंधन और आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
उत्तराधिकार की पृष्ठभूमि
जगदीशन ने अक्तूबर 2020 में बैंक के संस्थापक सीईओ आदित्य पुरी की जगह ली थी और 2023 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया था। अगस्त में उन्होंने बोर्ड को बताया कि वे फिर से नियुक्ति नहीं चाहेंगे। इसके बाद बैंक ने सीईओ पद के लिए दो नाम RBI को भेजे। इनमें एक बाहरी नाम बागची का था, जबकि दूसरा बैंक का आंतरिक उम्मीदवार था। रिपोर्टों में यह नाम डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा का बताया गया था, हालांकि बैंक ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।
बैंक के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े मुद्दे इस साल मार्च में सामने आए थे, जब गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे में बैंक की कुछ गतिविधियों और तौर-तरीकों को अपने मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप न बताया था। रिपोर्टों के अनुसार बैंक की ओर से कराई गई कानूनी समीक्षा में इन आरोपों का आधार नहीं मिला। बैंक का कहना है कि उसकी गवर्नेंस मजबूत है।
बागची के सामने चुनौतियां
बाजार पर नजर रखने वालों के मुताबिक नए सीईओ के सामने बैंक की मुख्य आय बढ़ाने, शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) पर दबाव से निपटने और उत्पादों की गलत बिक्री (मिस-सेलिंग) के मामलों को रोकने की चुनौतियां रहेंगी।
बागची की नियुक्ति की घोषणा के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में सूचीबद्ध एचडीएफसी बैंक के एडीआर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

