मोतीझील में जला 1.25 लाख दीपों का सागर, लक्ष्य से 49 हजार ज्यादा दीप जलाकर कानपुर का नाम लिम्का और गोल्डन बुक में दर्ज

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मोतीझील में जला 1.25 लाख दीपों का सागर, लक्ष्य से 49 हजार ज्यादा दीप जलाकर कानपुर का नाम लिम्का और गोल्डन बुक में दर्ज

कानपुर के मोतीझील में गुरुवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित दीपोत्सव ने तय लक्ष्य को पीछे छोड़ दिया। प्रशासन ने 76 हजार दीप जलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आयोजन स्थल पर कुल 1.25 लाख दीप प्रज्वलित किए गए। इस उपलब्धि को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड और गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जिसकी घोषणा के साथ सांसद रमेश अवस्थी को मंच पर प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

76 हजार का लक्ष्य, कैसे पहुंचा 1.25 लाख तक

जिला प्रशासन ने आयोजन से एक दिन पहले ही मोतीझील में 76 हजार दीप जलाने की योजना सार्वजनिक की थी। यह आंकड़ा जिले में 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत तय किया गया था, जो प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा को समर्पित है। मौके पर शहरवासियों और स्वयंसेवकों की भागीदारी के चलते यह संख्या बढ़कर 1.25 लाख तक जा पहुंची, यानी तय लक्ष्य से करीब 49 हजार दीप ज्यादा जलाए गए।

500 ड्रोन ने आसमान में उकेरे संदेश

दीपोत्सव के बाद मोतीझील के आसमान में 500 ड्रोन का शो आयोजित हुआ, जो करीब 20 मिनट तक चला। इस दौरान ड्रोन के जरिए “जनसेवा के 25 वर्ष”, “जनसेवा से देशसेवा” और “कानपुर के मन में मोदी, मोदी के मन में कानपुर” जैसे संदेश आसमान में उकेरे गए। इसके अलावा ड्रोन ने विकसित भारत-2047 की थीम, भारत का नक्शा और प्रधानमंत्री मोदी की विशाल आकृति भी बनाई। शो के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देने वाला संदेश प्रदर्शित किया गया।

हालांकि, शो की शुरुआत आसान नहीं रही। पहले करीब 10 मिनट तक आयोजन स्थल के आसपास की स्ट्रीट लाइटें बंद नहीं हो पाईं, जिससे तेज रोशनी के बीच ड्रोन से बनने वाली आकृतियां और संदेश स्पष्ट नहीं दिख सके और दर्शक लेजर शो का पूरा आनंद नहीं ले पाए। बाद में लाइटें बंद होने पर आसमान का नजारा साफ हुआ और दर्शकों को शो का असली रंग देखने को मिला।

कार्यक्रम में मौजूद रहे स्थानीय नेता

इस मौके पर कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष रामकिशोर साहू, प्रमोद विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह, एमएलसी अरुण पाठक, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार और अजय कपूर मौजूद रहे।

पूरे जिले में मनाया गया सेवा दिवस

मोतीझील का आयोजन कानपुर जिले में सेवा दिवस के तहत हुए व्यापक कार्यक्रमों की सबसे बड़ी कड़ी था। जिला प्रशासन के अनुसार, पूरे जिले में करीब तीन लाख “आशीर्वाद के दीप” जलाए जाने की योजना थी, जिसमें अटल घाट, सरसैया घाट, बिठूर घाट, खेरेश्वर मंदिर, अरमापुर नहर और पनकी छठ पूजा स्थल समेत सभी विधानसभा क्षेत्र शामिल थे। इसके अलावा भाजपा के जिला कार्यालयों में भी दीप जलाकर उत्सव मनाया गया।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर देशभर में इस तरह के आयोजन हुए। मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में एक साथ 33 लाख 27 हजार से अधिक दीप जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जाने की खबरें भी सामने आईं। कानपुर का मोतीझील आयोजन इसी तरह के राष्ट्रव्यापी अभियान की एक कड़ी था, जिसे स्थानीय स्तर पर रिकॉर्ड बुकों में दर्ज कराया गया।

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