डेविस कप: साउथ कोरिया के लो-बाउंस कोर्ट से निपटने के लिए युकी भांबरी ने बताई भारतीय खिलाड़ियों की रणनीति

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डेविस कप: साउथ कोरिया के लो-बाउंस कोर्ट से निपटने के लिए युकी भांबरी ने बताई भारतीय खिलाड़ियों की रणनीति

डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे राउंड में भारतीय टेनिस टीम का सामना सियोल में मेजबान साउथ कोरिया से होना है। इससे पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती वहां के ओलंपिक टेनिस सेंटर के कोर्ट की लो-बाउंस सतह को माना जा रहा है, जिसे मेजबान टीम ने खासतौर पर भारतीय खिलाड़ियों की ताकत को काटने के लिए तैयार किया बताया जा रहा है।

पहले राउंड में नीदरलैंड्स पर मिली थी जीत

भारतीय टीम पहले राउंड में मेजबानी करते हुए नीदरलैंड्स को 3-2 से हराकर दूसरे राउंड में पहुंची थी। इस ऐतिहासिक जीत में दक्षिणेश्वर सुरेश ने दोनों सिंगल्स मुकाबले जीतने के साथ-साथ युकी भांबरी के साथ मिलकर डबल्स मैच भी अपने नाम किया था, जबकि निर्णायक मुकाबले में सुरेश ने गाय डी ओडेन को हराकर भारत की जीत पक्की की थी। यह नए फॉर्मेट की शुरुआत के बाद पहली बार था जब भारत डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे राउंड में पहुंचा।

अनफिट युकी भांबरी नहीं खेल रहे दूसरा राउंड

डेविस कप में भारत के शीर्ष डबल्स खिलाड़ी युकी भांबरी जांघ की चोट के चलते साउथ कोरिया के खिलाफ इस टाई से बाहर हैं। उनकी जगह डबल्स में एन श्रीराम बालाजी के साथ निकी पूनाचा की जोड़ी उतरने की संभावना है। टीम में सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश और मानस धामणे भी शामिल हैं।

हालांकि मैदान से बाहर होने के बावजूद युकी भांबरी ने VETO OTT पर प्री-शो के दौरान साउथ कोरिया के लो-बाउंस कोर्ट से निपटने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों के लिए रणनीतिक सलाह साझा की।

धैर्य के साथ रैली बनाने की जरूरत: भांबरी

युकी भांबरी ने बताया कि लो-बाउंस कोर्ट पर भारतीय खिलाड़ियों को अपने खेल में बदलाव करना होगा, जिसमें स्किल पर सबसे ज्यादा फोकस रहना जरूरी होगा। उनके अनुसार, इस तरह के कोर्ट पर जल्दी-जल्दी अंक हासिल करना मुश्किल होता है, इसलिए खिलाड़ियों को धैर्य दिखाते हुए रैली बनानी होगी ताकि अंक के लिए सही मौका तैयार किया जा सके।

कोरियाई खिलाड़ियों को सूट करती है ऐसी सतह

भांबरी ने यह भी बताया कि साउथ कोरिया ने भारत के खिलाफ मुकाबले के लिए ओलंपिक टेनिस कोर्ट में विशेष बदलाव किए हैं, जहां बाउंस मीडियम-लो रहने की उम्मीद है। उनके मुताबिक यह भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि कोरियाई खिलाड़ी इस तरह की सतह पर बेहतर खेलते हैं, चूंकि यह उनकी खेल शैली के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को अंक बनाने के लिए मौके तलाशने होंगे और अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव करना होगा।

हिम्मत और भरोसे की जरूरत: भांबरी

प्री-शो के दौरान युकी भांबरी ने कहा, “हमें दो चीजों की जरूरत है। एक है हिम्मत और दूसरी है भरोसा। आपको अपने कप्तान और सपोर्ट स्टाफ पर भरोसा होना चाहिए… आपको बदलावों के हिसाब से ढलना आना चाहिए। ऐसे हालात हो सकते हैं जो आपको अपना तरीका बदलने पर मजबूर कर दें। सभी महान खिलाड़ियों को रणनीति के हिसाब से अपना खेल बदलना पड़ता है, और आज सुमित और डीके सुरेश दोनों को ही अपने खेल और हुनर पर भरोसा करने की जरूरत है।”

टीम की तैयारी पहले से जारी

गौरतलब है कि भारतीय टीम के गैर-खिलाड़ी कप्तान रोहित राजपाल पहले ही कोर्ट की धीमी और भारी होती गेंदों को लेकर चुनौती की बात कह चुके हैं। उनके मुताबिक कोर्ट को इस तरह तैयार किया गया है कि यह सुमित नागल की बाउंस पर निर्भर खेल शैली और सुरेश के बड़े सर्व, दोनों को प्रभावित कर सके। टीम इन्हीं परिस्थितियों से तालमेल बिठाने के लिए समय से पहले सियोल पहुंच चुकी है, ताकि मुकाबले से पहले कोर्ट और परिस्थितियों के अनुसार अभ्यास किया जा सके।

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