कोल्हापुर में चाचा के घर से 15 तोला सोना चुराने का आरोप, उसी रकम से थार खरीदी और पूजा में चाचा को बुलाया; भतीजा और सुनार गिरफ्तार

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कोल्हापुर: चाचा के घर से 15 तोला सोना चोरी का आरोप, थार खरीदी, भतीजा गिरफ्तार

कोल्हापुर जिले के पन्हाला तहसील के सातवे गांव में एक 19 वर्षीय युवक पर अपने चचेरे चाचा के घर से 15 तोला सोने के गहने चुराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, गहने बेचकर मिली करीब 10 लाख रुपये की रकम से आरोपी ने नई महिंद्रा थार खरीदी और उसकी पूजा में उसी चाचा को बुला लिया। कोडोली पुलिस ने आरोपी समर पोपट चव्हाण और चोरी का सोना खरीदने के आरोप में सुनार संग्राम बाबासो मोरे को गिरफ्तार कर लिया है।

कब और कैसे हुई चोरी?

पुलिस के मुताबिक, समर चव्हाण और शिकायतकर्ता उमेश मारुती चव्हाण के घर गांव में आसपास ही हैं। दोनों चचेरे रिश्तेदार हैं। आरोप है कि करीब एक महीने पहले समर ने मौका पाकर उमेश के घर से करीब 15 तोला (लगभग 175 ग्राम) सोने के गहने चुरा लिए।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद गहने गांव के ही सुनार संग्राम मोरे को 10 लाख रुपये में बेचे गए। इसी रकम से समर ने नई थार खरीदी।

पूजा के न्योते से खुला राज

पुलिस के अनुसार, गाड़ी घर आने के बाद समर ने उसकी पूजा रखी और चाचा उमेश चव्हाण को भी आमंत्रित किया। पूजा में जाने की तैयारी के दौरान उमेश ने पहनने के लिए अपने गहने देखे, तो वे अलमारी से गायब मिले।

परिवार को शक इसलिए गहरा हुआ कि पास में रखे दादी के गहने सुरक्षित थे। केवल उमेश और उनकी पत्नी के गहने गायब थे। इससे यह संदेह हुआ कि चोरी में घर के किसी जानने वाले का हाथ हो सकता है। उमेश ने कोडोली पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी

पुलिस ने जांच शुरू की तो समर के पास अचानक आई रकम और महंगी गाड़ी की खरीद पर संदेह गहराया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में समर ने चोरी की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने उसे और गहने खरीदने वाले सुनार संग्राम मोरे को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक श्रीकांत ठिकणे के मार्गदर्शन में पुलिस हवलदार युवराज पाटील और बाबासो कीटे, पुलिस कॉन्स्टेबल महेश कदम, अमोल चव्हाण और महेश शिंदे की टीम ने की।

अब तक क्या स्पष्ट नहीं?

अब तक सामने आई जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि चोरी के गहने या उनकी कीमत की कितनी बरामदगी हुई है। यह भी साफ नहीं है कि थार गाड़ी जब्त की गई है या नहीं। आरोपियों की अदालत में पेशी और पुलिस रिमांड का ब्योरा भी सार्वजनिक नहीं हुआ है। मामले की आगे की जांच जारी है। गांव और आसपास के इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

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