एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने जन्मदिन पर जीता स्वर्ण, चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 से हराया

3 Min Read
एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने जन्मदिन पर जीता स्वर्ण, चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 से हराया

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 75 किलो वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। शुक्रवार को जापान के निशियो जिमनैजियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। 2 अक्तूबर को लवलीना का 29वां जन्मदिन भी है। इस जीत से पिछले एशियाई खेलों में फाइनल में मिली हार की कसक भी दूर हो गई।

फाइनल में कैसा रहा मुकाबला

लवलीना ने मुकाबले की शुरुआत से ही संयम और रणनीति के साथ खेलते हुए बढ़त बनाई। तीसरे राउंड में उन्होंने बाओ को आगे आने दिया, भारी प्रहारों से बचती रहीं और मौका मिलते ही काउंटर पंच लगाए। तीसरा राउंड सर्वसम्मति से उनके नाम रहा और इसी के साथ 5-0 की जीत पक्की हुई।

इस मुकाबले से पहले सेमीफाइनल में उन्होंने कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 के विभाजित फैसले से हराया था। इसी जीत के साथ वे लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई थीं।

हांगझोऊ की कसक पूरी हुई

लवलीना ने पिछले एशियाई खेलों (हांगझोऊ) में रजत पदक जीता था, जहां फाइनल में उन्हें चीन की ही ली कियान से हार मिली थी। इस बार उन्होंने रजत को स्वर्ण में बदल दिया। इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी वे फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।

मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला

इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बन गई हैं। मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किलो वर्ग का स्वर्ण जीता था। इस तरह भारतीय महिला मुक्केबाजी में एशियाई खेलों का स्वर्ण 12 साल बाद आया है। टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना का यह एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण है।

लवलीना का स्वर्ण इन खेलों में भारत का 12वां गोल्ड मेडल है।

भारतीय मुक्केबाजी का प्रदर्शन

इन खेलों में भारतीय मुक्केबाज अब तक कम से कम छह पदक पक्के कर चुके हैं। प्रिया घनघस (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) कांस्य पदक जीत चुके हैं। आज परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) स्वर्ण पदक के लिए खिताबी मुकाबले में उतरेंगे। पदकों की संख्या उन्हें मिलाकर और बढ़ सकती है।

Share This Article
Exit mobile version