राजभर ने योगी से कहा, सुभासपा के दो विधायक नियंत्रण में नहीं; यूपी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका

5 Min Read
राजभर ने योगी से कहा, सुभासपा के दो विधायक नियंत्रण में नहीं; यूपी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव से पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। राजभर के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी पार्टी के दो विधायक उनके नियंत्रण में नहीं हैं और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। मतदान 16 अक्तूबर को होना है। सुभासपा भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की सहयोगी है, इसलिए इस बयान से चुनावी समीकरण पर असर पड़ सकता है।

राजभर ने क्या कहा

राजभर के मुताबिक उनकी पार्टी के दो विधायक, मऊ सदर से अब्बास अंसारी और जौनपुर की जफराबाद सीट से जगदीश नारायण राय, उनके साथ नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों सुभासपा के टिकट पर चुनाव जीते, लेकिन विधायक बनने के बाद से उनके नियंत्रण में नहीं हैं। राजभर का कहना है कि ये विधायक सपा का झंडा और टोपी लगाकर घूमते हैं और उनका राजनीतिक झुकाव समाजवादी पार्टी की ओर है।

राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधायकों को पैसे देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं दिया है और न यह बताया कि कौन ऐसा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले उनके तीन विधायक सपा के साथ माने जा रहे थे, लेकिन अब एक विधायक, बलिया की बेल्थरा रोड सीट के हंसू राम, से उनकी बात हो चुकी है और वे उनके साथ हैं। रिपोर्टों के अनुसार दोनों विधायकों की ओर से अब तक इस बयान पर कोई सफाई नहीं आई है।

अब्बास अंसारी की अखिलेश से मुलाकात

इस बीच अब्बास अंसारी ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। बातचीत का कोई आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है। अब्बास अंसारी दिवंगत मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग वापस आना चाहते हैं और कुछ जगहों पर असंतोष है।

राज्यसभा चुनाव का गणित

यूपी में 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को चुनाव होना है। विधानसभा में दलीय संख्या के हिसाब से भाजपा सात और सपा दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है। दसवीं सीट को लेकर मुकाबला फंसा हुआ है। अखिलेश यादव कह चुके हैं कि वे तीसरी सीट के लिए संख्या जुटा रहे हैं और संख्या पूरी होने पर तीसरा उम्मीदवार उतारेंगे।

कारण यह है कि विधानसभा में 7 सीटें रिक्त हैं और एक सपा विधायक के जेल में होने से उनके मतदान की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस आधार पर अधिकतम करीब 395 वोट पड़ सकते हैं और एक सीट जीतने के लिए करीब 36 से 37 वोट की जरूरत बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों प्रमुख दलों के पास अपने बल पर यह सीट जीतने लायक आंकड़ा नहीं है, इसलिए नतीजा क्रॉस वोटिंग पर निर्भर माना जा रहा है। सपा खेमे का दावा है कि भाजपा के कुछ विधायक भी उसके संपर्क में हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सुभासपा के विधायक

2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा के छह विधायक जीते थे। तब राजभर सपा के साथ गठबंधन में थे। अब वे भाजपा के साथ हैं और योगी सरकार में मंत्री हैं। पार्टी के विधायक हैं:

  • ओमप्रकाश राजभर, जहूराबाद (गाजीपुर)
  • बेड़ीराम, जखनिया (गाजीपुर)
  • अब्बास अंसारी, मऊ सदर (मऊ)
  • दुधराम, महादेव (संत कबीर नगर)
  • हंसू राम, बेल्थरा रोड (बलिया)
  • जगदीश नारायण राय, जफराबाद (जौनपुर)

अब आगे क्या

चुनाव में अब तक यह साफ नहीं है कि क्रॉस वोटिंग होगी या नहीं। बयान राजभर का है और संबंधित विधायकों का पक्ष सामने आना बाकी है। सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी अंतिम घोषणा होनी है। मतदान 16 अक्तूबर को होगा।

Share This Article
Exit mobile version