मुंबई। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक्सपायर और खराब खाद्य उत्पादों के निस्तारण को लेकर राज्यव्यापी नियमावली जारी की है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के अनुसार इसके तहत बड़ी कंपनियों को एक्सपायर, खराब, ग्राहकों से लौटाए गए और अस्वीकृत खाद्य उत्पादों को नष्ट करने की पूरी जानकारी देनी होगी। FDA का कहना है कि देश में पहली बार ऐसा आदेश आया है। यह कदम अक्टूबर में ठाणे, नवी मुंबई और पुणे जिलों में चली कार्रवाई के बाद उठाया गया है, जिसमें कई कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
नियमावली में क्या है
FDA के अनुसार एक्सपायर और खराब उत्पादों को अलग और बंद क्वारंटाइन क्षेत्र में रखना होगा। उत्पाद वास्तव में नष्ट हुए या नहीं, यह जांचने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी। कंपनियां केवल किसी तीसरे पक्ष को ठेका देकर इससे पल्ला नहीं झाड़ सकेंगी। FDA ने बताया कि पूरे साल इस पर कार्रवाई जारी रहेगी।
आदेश की जरूरत क्यों पड़ी
FDA के अनुसार कुछ मामलों में एक्सपायर उत्पाद नष्ट करने के बजाय नई तारीख के साथ दोबारा बेचे जा रहे थे, जो उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ है। विभाग का कहना है कि कई बार कंपनियां कागज पर तीसरे पक्ष को निस्तारण का ठेका दिखा देती हैं, लेकिन माल नई पैकिंग में फिर बाजार में दिख जाता है। आयुक्त मुंढे ने कहा है कि एक्सपायर या खराब खाद्य उत्पादों को दोबारा बाजार में पहुंचाने की कोशिश गंभीर मामला है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
अक्टूबर की कार्रवाई
FDA ने अक्टूबर में ठाणे, नवी मुंबई और पुणे जिलों में संयुक्त अभियान चलाया। FDA के अनुसार इसके नतीजे ये रहे:
- तुर्भे (नवी मुंबई): सावला फूड्स एंड कोल्ड स्टोरेज से 91,353 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 4.13 करोड़ रुपये है। लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
- भिवंडी: वडपे में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और रिलायंस रिटेल के गोदामों के लाइसेंस सुनवाई के बाद निलंबित किए गए। FDA ने निस्तारण के दस्तावेजों में असंगतियां और परिवहन रिकॉर्ड की कमी बताई।
- अंबरनाथ: उसाटणे में जोमैटो हाइपरप्योर के गोदाम का लाइसेंस 15 अक्टूबर को सुनवाई के बाद निलंबित किया गया। FDA के अनुसार वहां करीब 5,431 उत्पाद एक्सपायर, खराब या अस्वीकृत पाए गए, जिनकी कीमत लगभग 7.8 लाख रुपये है।
- भिवंडी के पागांव: ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड (ब्लिंकिट) के यहां से 32.72 लाख रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया गया। लाइसेंस निलंबित हुआ और भिवंडी तालुका थाने में मामला दर्ज हुआ।
- पुणे जिला: चाकण में रिलायंस रिटेल और निगोजे में ब्लिंकिट से जुड़ी इकाई के खिलाफ लाइसेंस निलंबन के आदेश जारी हुए। FDA ने वहां चूहों, कॉकरोच और एक्सपायर माल को अलग न रखने जैसी गड़बड़ियां बताई हैं।
- पड़घा: एक अन्य कंपनी के यहां से करीब 6.88 लाख रुपये का खाद्य स्टॉक जब्त हुआ और लाइसेंस निलंबित कर पड़घा थाने में मामला दर्ज किया गया।
FDA ने ठाणे में 10 व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिनमें कुछ कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। ये FDA के आरोप हैं। लाइसेंस निलंबन या मामला दर्ज होना दोष सिद्ध होना नहीं है। इस मामले में कंपनियों का पक्ष हमें नहीं मिला है।
खाद्य तेल पर भी कार्रवाई
FDA के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर में खाद्य तेल के निर्माताओं, री-पैकिंग इकाइयों, थोक और खुदरा विक्रेताओं के 1,089 निरीक्षण हुए और जांच के लिए 1,660 नमूने लिए गए। इस दौरान 28,753 क्विंटल खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 18.95 करोड़ रुपये है। कुल 80 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें छत्रपति संभाजीनगर के 27, पुणे के 22, मुंबई के 8, कोंकण, नागपुर और नासिक के 6-6 और अमरावती के 5 हैं।
अब तक आई जांच रिपोर्टों में 40 नमूने घटिया गुणवत्ता के, 18 असुरक्षित और 5 गलत लेबलिंग वाले पाए गए हैं। 1,171 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। सबसे बड़ी जब्ती पुणे मंडल में हुई, जहां 19,551.83 क्विंटल खाद्य तेल पकड़ा गया। छत्रपति संभाजीनगर मंडल में 5,736.27 क्विंटल तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 834.03 लाख रुपये है।
आगे क्या
अब नजर इस पर होगी कि नियमावली लागू होने के बाद कंपनियां निस्तारण का ब्योरा कैसे देती हैं। बाकी नमूनों की जांच रिपोर्ट भी आनी है। कंपनियों की प्रतिक्रिया मिलने पर इस खबर में उसे जोड़ा जाएगा।

