PNB करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ के नकली नोट: NIA ने मनाली से हरीश रौंटा को दबोचा, अब तक 7 गिरफ्तार

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PNB करेंसी चेस्ट नकली नोट मामला: NIA ने हरीश रौंटा को पकड़ा

सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट पहुंचने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को पकड़ा है। इससे पहले 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार की गिरफ्तारी हुई थी। एजेंसी का कहना है कि दोनों भारी मात्रा में नकली भारतीय नोट छापने और उनकी आपूर्ति करने की साजिश के मुख्य सूत्रधारों में शामिल हैं। इन दो गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में NIA की गिरफ्तारियों की संख्या सात हो गई है।

आदेश चौधरी के करीबी हैं दोनों आरोपी

NIA के मुताबिक अजय कुमार और हरीश रौंटा, दोनों आदेश चौधरी के करीबी हैं। आदेश चौधरी इस साजिश में पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके आरोपियों में शामिल है। एजेंसी के अनुसार अन्य आरोपियों के जरिए ये नकली नोट सहारनपुर के सिविल लाइन्स स्थित PNB करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। मामले की जांच NIA केस नंबर RC-02/2026/NIA/LKW के तहत हो रही है।

ऐसे सामने आया मामला

सहारनपुर के सदर बाजार थाने को 29 अगस्त 2026 को सूचना मिली कि PNB के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद हुए हैं। जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें बैंक ने निलंबित कर दिया। उसी दिन तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 178 के तहत सदर बाजार थाने में FIR दर्ज की गई। बैंक के नकली और असली नोटों की जांच में 500 रुपये के नकली नोट मिले थे। शुरुआती गिनती में यह रकम करीब 7.4 करोड़ रुपये थी, जो आगे की जांच में बढ़कर 17.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

मामले की गंभीरता और बड़े नेटवर्क की आशंका को देखते हुए जांच NIA को सौंपी गई। एजेंसी ने 3 सितंबर 2026 को केस दोबारा दर्ज किया। यह मामला इसलिए भी अहम है कि नकली नोट किसी व्यक्ति या ठिकाने से नहीं, बल्कि बैंक के सुरक्षित करेंसी चेस्ट से बरामद हुए। इसी वजह से जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि ये नोट वहां तक कैसे पहुंचे।

सितंबर में पांच आरोपी हुए थे गिरफ्तार

NIA ने सितंबर में 7, 15, 20 और 22 तारीख को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें FIR में नामजद आरोपी अमित कुमार और मामले के मुख्य आरोपी आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू शामिल हैं। अब हरीश रौंटा और अजय कुमार की गिरफ्तारी से जांच का दायरा बढ़ा है।

आगे क्या

NIA का कहना है कि पूरी साजिश का खुलासा करने और बाकी सह-आरोपियों व संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में है कि नकली नोट कहां छपे, किस रास्ते करेंसी चेस्ट तक पहुंचे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

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