संभल: बंदी वाहन में दो सिपाहियों की हत्या के मामले में धर्मपाल को उम्रकैद, दो साथी पहले मुठभेड़ में ढेर

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संभल: बंदी वाहन में दो सिपाहियों की हत्या के मामले में धर्मपाल को उम्रकैद, दो साथी पहले मुठभेड़ में ढेर

संभल जिले के थाना बनियाठेर क्षेत्र में जुलाई 2019 में बंदी वाहन में दो सिपाहियों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने धर्मपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर एक लाख 69 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले के दो अन्य आरोपी, कमल और शकील, पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।

क्या हुआ था 17 जुलाई 2019 को

घटना उस वक्त हुई, जब मुरादाबाद जिला कारागार से 24 बंदियों को चंदौसी न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया गया था। पेशी के बाद 21 पुराने और तीन नए मुल्जिमों को लेकर बंदी वाहन वापस मुरादाबाद जिला कारागार लौट रहा था। वाहन में सिपाही हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल सिंह पीछे बंदियों के साथ सशस्त्र बैठे थे, जबकि तत्कालीन उप निरीक्षक चेतराम सिंह और कांस्टेबल खूब सिंह आगे की सीट पर थे। वाहन चालक कांस्टेबल कृष्ण मुरारी तिवारी थे।

शाम करीब 5:20 बजे बंदी वाहन धन्नूमल तिराहे से आगे ग्रीन चंदौसी के पास पहुंचा, तभी पीछे से फायर की आवाज आई। पीछे जाकर देखने पर सिपाही हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल सिंह लहूलुहान हालत में मिले।

पुलिस के अनुसार, तीन बंदी — शकील और कमल (दोनों निवासी गांव रम्पुरा, थाना बहजोई) तथा धर्मपाल (निवासी गांव भरतपुर, थाना बहजोई) — ने बंदी वाहन का चैनल तोड़ा और सिपाही हरेंद्र की राइफल लूटकर भागने का प्रयास किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों ने पहले सिपाहियों की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंककर उन्हें असहाय किया, फिर राइफल छीनकर गोली मार दी। रोकने की कोशिश करने पर आरोपियों ने चेतराम सिंह और खूब सिंह पर भी फायर किया, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। इसके बाद तीनों आरोपी जंगल की ओर फरार हो गए। दोनों सिपाहियों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस ने घटना के तुरंत बाद तीनों बंदियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।

दो आरोपी मुठभेड़ में ढेर, धर्मपाल गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने तलाश तेज की। इसी दौरान शकील और कमल पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। तीसरे आरोपी धर्मपाल को गिरफ्तार कर मुरादाबाद जिला कारागार भेज दिया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर साक्ष्यों के आधार पर धर्मपाल के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

कोर्ट का फैसला

लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने धर्मपाल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है और एक लाख 69 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इसी मामले में अदालत ने धर्मपाल को शस्त्र से जुड़े आरोप में पांच साल की अतिरिक्त सजा और पांच हजार रुपये का अलग अर्थदंड भी सुनाया है। अभियोजन पक्ष और फैसले की पूरी वजहों पर अदालत का विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

घटना के वक्त तत्कालीन आईजी रमित शर्मा ने बताया था कि कमल और शकील बहजोई थाने में 2014 के एक मामले में जेल में बंद थे, जबकि धर्मपाल बहजोई के ही 2011 के एक मामले में मुरादाबाद जेल में बंद था।

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