शिलांग में एक महीने में पांचवां पेट्रोल बम हमला: 24 घंटे में चार सरकारी-पुलिस ठिकाने निशाने पर, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

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शिलांग में एक महीने में पांचवां पेट्रोल बम हमला: 24 घंटे में चार सरकारी-पुलिस ठिकाने निशाने पर, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

मेघालय की राजधानी शिलांग में बुधवार शाम से गुरुवार तड़के के बीच सरकारी दफ्तरों और पुलिस ठिकानों को निशाना बनाकर एक के बाद एक चार पेट्रोल बम हमले किए गए, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, हमलावरों की पहचान और हमलों के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

24 घंटे में चार हमले, सिलसिलेवार समयसीमा

पुलिस के अनुसार, पहला हमला बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे रिसा कॉलोनी स्थित खनिज संसाधन निदेशालय (DMR) के कार्यालय पर हुआ। इसके बाद बुधवार रात करीब पौने दस बजे लुमडिंगजरी पुलिस थाने पर पेट्रोल बम फेंका गया। सिलसिला यहीं नहीं थमा — गुरुवार तड़के करीब तीन बजे लाइतुम्खराह स्थित स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) परिसर पर हमला हुआ, और इसके आधे घंटे बाद ही नोंगमेनसॉन्ग स्थित एक ट्रैफिक पुलिस बूथ को निशाना बनाया गया।

DMR कार्यालय पर हमला: कर्मचारी का वाहन क्षतिग्रस्त

बुधवार दोपहर तीन अज्ञात व्यक्ति DMR कार्यालय पहुंचे और दो पेट्रोल बम फेंककर तुरंत फरार हो गए। इस हमले में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन परिसर में खड़ी एक कर्मचारी की निजी गाड़ी को आंशिक नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझा दी। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा खुद मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने क्षतिग्रस्त निजी वाहन के लिए मुआवजे का भरोसा भी दिलाया।

पुलिस थाने और DHS परिसर भी निशाने पर

लुमडिंगजरी पुलिस थाने पर फेंका गया बम थाना प्रभारी के कमरे के पिछले हिस्से में गिरा, जिससे मामूली नुकसान हुआ। वहीं गुरुवार तड़के DHS परिसर पर हुए हमले में परिसर में खड़ी एक बोलेरो गाड़ी (पंजीकरण संख्या ML01 7702) आग की चपेट में आ गई। रात में ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने इसकी सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

महीने भर में पांचवां हमला, बढ़ी चिंता

पूर्वी खासी हिल्स के एसपी (ट्रैफिक प्रभारी) हरि प्रशांत एम आर ने इन सभी घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पैदल गश्त और वाहन जांच बढ़ा दी गई है, और खासतौर पर सुनसान इलाकों में स्थित कार्यालयों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि यह ताजा घटनाक्रम पिछले एक महीने में शिलांग में हुआ पांचवां पेट्रोल बम हमला है, जबकि व्यापक खासी-जयंतिया क्षेत्र में अब तक ऐसे कुल सात मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले 12 सितंबर को भी दो अज्ञात व्यक्तियों ने दोपहिया वाहन पर सवार होकर लाबान पुलिस थाने पर पेट्रोल बम फेंका था।

जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी घटनाओं की समानांतर जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस हमलावरों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल किसी संगठन या व्यक्ति ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, और जांच अधिकारियों ने किसी विशेष मकसद या समूह की ओर इशारा करने से परहेज किया है।

पूर्वोत्तर समुदाय को लेकर सुरक्षा की चिंता का एक और पहलू

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर मूल के लोगों की सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी चिंताजनक घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में दिल्ली में मणिपुर के 54 वर्षीय सेवानिवृत्त संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, उन्होंने अपने घर के बाहर डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारियों के शोर-शराबे पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद हुए विवाद में उन पर हमला हुआ और गंभीर चोटों के चलते अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर पूर्वोत्तर समुदाय में व्यापक आक्रोश देखा गया था।

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