अमेरिका के व्योमिंग राज्य में एक रेस्ट स्टॉप पर सिख ट्रक ड्राइवर पर हुए चाकू से हमले की भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को अमेरिका में सिख और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत से जोड़ते हुए चिंता जताई है।
कैसे हुआ हमला
यह हमला 13 सितंबर की सुबह इंटरस्टेट-80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया में हुआ। पीड़ित ट्रक ड्राइवर, जिसकी पहचान केवल सरनेम सिंह के तौर पर सामने आई है, पेंसिल्वेनिया की ओर जा रहा था और रास्ते में रेस्ट स्टॉप पर रुका था। एनपीआर को दिए एक इंटरव्यू में सिंह ने बताया कि वह वॉशरूम में गया, जहां एक व्यक्ति उसका पीछा करते हुए अंदर आया और अचानक उस पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावर ने पहले उसे मुक्के मारे और फिर चाकू निकालकर उस पर करीब 17 बार वार किए। हमले में सिंह की गर्दन, छाती, बांहों और पसलियों पर गंभीर चोटें आईं।
हमले के बाद घायल अवस्था में सिंह किसी तरह वॉशरूम से बाहर निकला और गिर पड़ा। वहां मौजूद एक हिस्पैनिक परिवार ने उसकी चीख-पुकार सुनकर तुरंत मदद की और पुलिस को सूचित किया। इसी परिवार ने आरोपी के वाहन की जानकारी भी पुलिस को दी, जिसके आधार पर व्योमिंग हाईवे पैट्रोल ने रॉलिंस के पास से आरोपी को हिरासत में लिया।
आरोपी पर लगा गंभीर आरोप, मकसद अब भी अस्पष्ट
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय एंड्रयू क्रिस बज़डैक के रूप में हुई है, जिस पर हत्या के प्रयास (अटेम्प्टेड फर्स्ट-डिग्री मर्डर) का आरोप लगाया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक हमले के पीछे के मकसद को सार्वजनिक नहीं किया है। स्थानीय प्रशासन ने अभी यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि इस हमले का पीड़ित की जातीय या धार्मिक पहचान से कोई सीधा संबंध था या नहीं। यह जरूरी है कि इसे फिलहाल एक आरोप के तौर पर ही देखा जाए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
DHS की सोशल मीडिया पोस्ट पर भी उठाया सवाल
कृष्णमूर्ति ने इस हमले के साथ-साथ अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया। यह पोस्ट एक फिल्म पोस्टर जैसी शैली में बनाई गई थी, जिसमें DHS के प्रतीक चिह्न वाला एक “ट्रांसफॉर्मर” किरदार सिर पर पगड़ी पहने एक व्यक्ति के सामने दिखाया गया था, जिसे “मिस्टर सिंह” नाम दिया गया था। इस पोस्ट की सिख कोएलिशन, अमेरिकन सिख काउंसिल और हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन समेत कई संगठनों ने आलोचना की थी, और इसे नस्लीय व आपत्तिजनक बताया गया था। आलोचना के बाद DHS ने यह पोस्ट हटा ली थी। हालांकि, विभाग ने व्योमिंग हमले से इस पोस्ट का कोई संबंध होने से साफ इनकार किया और इसे “गैरजिम्मेदाराना और गलत” करार दिया।
कृष्णमूर्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह इस हमले से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग यह नफरत फैला रहे हैं, जिसमें हमारी अपनी संघीय सरकार के अधिकारी भी शामिल हैं, उन्हें रुकना होगा। जो लोग इसे हिंसा में बदलते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। अमेरिका को इससे बेहतर होना चाहिए।” उन्होंने घायल ड्राइवर के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उस परिवार का भी आभार जताया, जिसने तुरंत मदद कर उसकी जान बचाने में भूमिका निभाई।
सैक्रामेंटो हत्याकांड का भी जिक्र
कृष्णमूर्ति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में भारतीय मूल की एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। DHS के अनुसार, यह घटना 8 सितंबर को एक शॉपिंग सेंटर में हुई, जहां आरोपी रोहित ने 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर को उनकी कार के पास गोली मार दी। बताया गया है कि शालिनी ने भागने की कोशिश की थी। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया और बाद में उसने खुद को गोली मारकर जान दे दी।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर जनवरी 2026 से शालिनी का पीछा कर रहा था। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि शालिनी को अपनी कार के नीचे एक एप्पल एयरटैग मिला था, और आरोपी पर उनकी कार के टायरों की हवा निकालने का भी आरोप था। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर शालिनी के अपार्टमेंट की चाबी की एक कॉपी हासिल कर ली थी और एक बार उनके सोते समय घर में घुस गया था। शालिनी ने मई में आरोपी के खिलाफ अदालत से रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी हासिल किया था, बावजूद इसके रिपोर्टों के अनुसार पीछा करना जुलाई तक जारी रहा। DHS के मुताबिक आरोपी 2023 में एरिजोना के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था और इससे पहले बॉर्डर पेट्रोल ने उसे पकड़ा भी था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया था। हालांकि, आरोपी की इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े अन्य ब्योरे अभी आधिकारिक जांच के अधीन हैं।
समुदाय में बढ़ी चिंता
व्योमिंग में सिख ट्रक ड्राइवर पर हुए हमले और सैक्रामेंटो में भारतीय मूल की महिला की हत्या ने अमेरिका में भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सिख संगठनों ने व्योमिंग हमले में नस्लीय या धार्मिक पूर्वाग्रह की भूमिका की पूरी जांच की मांग की है, हालांकि अधिकारियों ने अब तक इसकी सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है। गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान में एक गुरुद्वारे के अंदर सिख दंपती की हत्या की खबर भी सामने आई थी।

