योगी का दावा: 2017 के बाद रात में भी खुले रहते हैं बाजार, यूपी में महिला श्रम भागीदारी 13 से 36 प्रतिशत हुई

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योगी आदित्यनाथ का दावा: यूपी में रात में भी खुले रहते हैं बाजार, महिला श्रम भागीदारी 36 प्रतिशत

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब बाजार रात में भी खुले रहते हैं और व्यापारी बिना भय के कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2017 में प्रदेश की महिला श्रम बल भागीदारी करीब 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है।

रात में जगमगाते बाजार, व्यापारी के विश्वास का प्रकाश

मुख्यमंत्री ने लिखा कि नए उत्तर प्रदेश में रात के समय जगमगाते बाजार और प्रतिष्ठान सिर्फ कारोबार की नहीं, बल्कि व्यापारी के विश्वास की भी रोशनी हैं। उन्होंने नाइट शिफ्ट में निर्भय होकर काम करने वाली महिलाओं के आत्मविश्वास को पूरे समाज की प्रगति का प्रतीक बताया।

“2017 से पहले” की स्थिति पर सवाल

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा और विश्वास का यह माहौल प्रदेश में हमेशा नहीं रहा। उनके अनुसार 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां सीमित होने लगती थीं। देर रात काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बनी रहती थी। इस तरह उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया।

‘जीरो टॉलरेंस’ और डबल इंजन का हवाला

मुख्यमंत्री ने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही डबल इंजन सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता मिली। उनके मुताबिक व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिल रहे हैं और बेटियां सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ रही हैं।

महिला श्रम बल भागीदारी का आंकड़ा

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि 2017 में प्रदेश की महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी और अब यह 36 प्रतिशत हो चुकी है। उन्होंने इसे महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक सामर्थ्य और स्वावलंबन की अभिव्यक्ति बताया। साथ ही इसे ‘सुरक्षा से समृद्धि’ की ओर बढ़ते ‘नए उत्तर प्रदेश’ की पहचान कहा।

आंकड़ों की पृष्ठभूमि

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये आंकड़े मुख्यमंत्री के दावे हैं। उत्तर प्रदेश के लिए इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। राष्ट्रीय स्तर पर सांख्यिकी मंत्रालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की श्रम बल भागीदारी 2017-18 के 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 41.7 प्रतिशत हो गई। इस बढ़ोतरी में ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान ज्यादा रहा। यानी महिला श्रम भागीदारी में बढ़त का रुझान देशभर में दिखता है, जबकि राज्यवार आंकड़े और उनकी गणना का तरीका अलग-अलग हो सकते हैं।

चुनावी माहौल में बयान

यह पोस्ट उसी दिन आई है जब लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हुई। बैठक में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से रखने की बात कही गई है। इस पोस्ट पर विपक्ष की कोई प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। प्रतिक्रिया आने पर लेख अपडेट किया जाएगा।

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